न्यूजीलैंड के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान मार्टिन क्रो अब इस दुनिया में नहीं हैं। कैंसर से जूझ रहे इस महान क्रिकेटर ने आज सुबह ऑकलैंड में अंतिम सांस ली। क्रो को न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास में मार्टिन क्रो को सबसे महान बल्लेबाज माना जाता है।
उन्होंने 19 साल की उम्र में 1982 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट करियर का आगाज किया था और जल्द ही वह टीम के मुख्य खिलाड़ी भी बन गए। हालांकि स्विप शॉट लगाने में माहिर मार्टिन क्रो बाद में अपने घुटने के दर्द से काफी परेशान रहे जिसका असर उनके क्रिकेट करियर पर पड़ा और उन्हें 1995 में 33 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने को मजबूर होना पड़ा।
संन्यास लेने के बाद भी वह काफी व्यस्त रहे और क्रिकेट की अन्य गतिविधियों से जुड़े रहे। उन्होंने टीवी कमेंट्रेटर के रूप में काफी काम किया। उन्हें क्रिकेट के तीसरे अंतरराष्ट्रीय फॉरमेट यानी टी-20 शुरू करने के शुरुआती विचार देने वालों में शामिल किया जाता है।
2011 में उन्होंने एक बड़ा फैसला लेते हुए क्रिकेट के मैदान पर फिर से उतरने का फैसला लिया। उस समय उनकी उम्र 48 साल की थी और उन्होंने अपने स्थानीय क्लब कॉर्नवाल के साथ खेलते हुए कुछ तस्वीरें खींचवाई थी। लेकिन जल्द ही उनकी चोट फिर से उन्हें परेशान करने लगी और मैदान से हटने को मजबूर होना पड़ा।
तिहरे शतक से चूकने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं मार्टिन क्रो
मार्टिन क्रो के निधन पर शोक जताती टीमें
मार्टिन क्रो की बल्लेबाजी तकनीक बेहद शानदार थी और मैदान के चारों ओर शॉट लगाने में सक्षम थे। क्रो के टेस्ट करियर में कुल 17 शतक आए जिसमें उनकी 299 रनों की पारी सर्वश्रेष्ठ पारी रही जो उन्होंने विलिंगटन टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ (फरवरी, 1991) दूसरी पारी में खेली थी। यह मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था। वह अपने पहले तिहरे शतक से एक रन से चूक गए थे। टेस्ट में किवी टीम की ओर से खेली गई इस सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड विस्फोटक बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम ने तिहरा शतक लगाकर तोड़ा था और वह भी इसी बेसिन रिजर्व मैदान पर।
वह दुनिया के ऐसे एकमात्र बल्लेबाज हैं जो टेस्ट में 299 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन भी अपने शानदार करियर में एक बार एक रन से अपनी तिहरे शतक से रह गए थे। लेकिन 29 जनवरी, 1932 को एडिलेड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच में वह 299 रन बनाकर नाबाद लौटे। जबकि मार्टिन अपने तिहरे शतक से चूक गए अगर वह यह मुकाम हासिल कर लेते तो ऐसा करने वाले अपनी टीम के पहले बल्लेबाज बन जाते।
उन्हें 1992 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले गए वर्ल्ड कप में खेली गई शानदार पारियों के लिए जाना जाता है। उनकी अगुवाई में न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले लीग मुकाबलों में सभी मैच जीतकर अंक तालिका में शीर्ष पर रहने का कीर्तिमान बनाया था, लेकिन सेमीफाइनल में उनकी टीम पाकिस्तान से हार गई जो बाद में चैंपियन बनी।
उन्होंने अपने वनडे करियर में 143 मैचों की 140 पारियों में 4 शतक और 34 अर्धशतकों की मदद से कुल 4704 रन बनाए थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 107 रनों की रही।