वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शिखर धवन को कप्तान बनाए जाने के बाद बीसीसीआई की जमकर आलोचना हो रही है। धवन सातवें खिलाड़ी हैं, जो इस साल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। सात महीने के अंदर सात खिलाड़ी भारत की कप्तानी कर चुके हैं और टीम के नियमित कप्तान ने अब तक विदेश में कोई मैच नहीं खेला है। इसके बाद सोशल मीडिया पर बीसीसीआई का जमकर मजाक बनाया जा रहा है। फैंस का कहना है कि बीसीसीआई आलू-प्याज बेचने की तरह कप्तानी बांट रही है।
इस साल भारत ने पहला मैच लोकेश राहुल की अगुवाई में खेला था। इसके बाद एक मैच में विराट कोहली ने भारत की कप्तानी की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी राहुल कप्तान रहे। वहीं, वेस्टइंडीज और श्रींलका के खिलाफ रोहित शर्मा ने कप्तानी की।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में ऋषभ पंत, आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हार्दिक पांड्या और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में जसप्रीत बुमराह भारत के कप्तान रहे। इस दौरान अभ्यास मैच में दिनेश कार्तिक ने भी भारत की कप्तानी की। अब शिखर धवन की अगुवाई में भारतीय टीम खेलेगी।
एक यूजर ने कहा कि बीसीसीआई कप्तानी की कुर्सी रखकर खिलाड़ियों के साथ खेल रही है और सभी को समय-समय पर कप्तानी का मौका मिल रहा है। कुछ ट्रोल्स ने कहा कि विराट के जाने के बाद कोई भी खिलाड़ी कप्तानी का भार नहीं उठा पा रहा है।
वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम
शिखर धवन (कप्तान), रवींद्र जडेजा (उपकप्तान), ऋतुराज गायकवाड़, शुभमन गिल, दीपक हुड्डा, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), शार्दुल ठाकुर, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, आवेश खान , प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह।