मनोज तिवारी ने पिछले सत्र में विजय हजारे ट्रॉफी में 109.33 की औसत से 328 रन बनाए। उन्होने देवधर ट्रॉफी में 179 की औसत से 179 रन बनाए। इस तरह उन्होंने घरेलू वनडे सत्र में कुल 507 रन बनाए। यह भारत में घरेलू सीजन में लिस्ट- A की औसत के तहत सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले स्कोर 400 रन तक का था।
इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ और दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के खिलाफ होने वाले चतुष्कोणीय टूर्नामेंट के लिए भारत ‘ए’ या भारत ‘बी’ टीम में नहीं चुना। तिवारी 12 वनडे और 3 टी-20 मैच में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
इसके बाद निराश मनोज ने ट्वीट कर कहा, 'भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास में कितने ऐसे बल्लेबाज रहे हैं, जिनका विजय हजारे और देवधर ट्रॉफी में 100 से अधिक का औसत रहा है और वह भी एक ही साल में?'
मनोज ने कहा, 'मुझे यह अहसास हुआ है कि टीम के लिए किए गए आपके काम की पहचान नहीं होती। लोग केवल स्कोरशीट पर नंबर देखना चाहते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि हम किस प्रकार की पिच पर खेले हैं और मैच का परिणाम क्या था?'