इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 9 रनों से मिली हार के बाद कप्तान धोनी की रणनीति पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 326 रनों के लक्ष्य के सामने जीत के बेहद करीब पहुंचकर टीम इंडिया को मिली हार के लिए गेंदबाजों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही चेतेश्वर पुजारा और शमी अहमद को बाहर बिठाने के निर्णय पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
शमी अहमद की जगह डिंडा को मौका क्यूं
पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे में भारत ने 167 रनों के बेहद मामूली लक्ष्य के सामने गेंदबाजों के दम पर ही जीत दर्ज की थी। इस जीत में भुवनेश्वर कुमार और शमी अहमद की युवा तेज गेंदबाज की जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में कप्तान धोनी ने शमी अहमद को अंतिम ग्यारह से बाहर कर दिया और उनकी जगह अशोक डिंडा को मौका दिया।
हालांकि इस मैच में डिंडा ने दो विकेट लिए लेकिन वे इंग्लैंड के रनों पर अंकुश लगाने में नाकाम दिखे। शमी अहमद की जगह भुवनेश्वर के साथ स्ट्राइक गेंदबाजी का जिम्मा संभाल रहे ईशांत शर्मा काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने 10 ओवर में सर्वाधिक 86 रन लुटाए।
पुजारा को नहीं शामिल करने पर सवाल
इंग्लैंड के खिलाफ उतारे गए बल्लेबाजों में धोनी को छोड़कर लगभग सभी इस मैच से पहले खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। इस कारण उन्हें बेहद सपाट पिच पर भी आंखे जमाने में थोड़ा वक्त लगता दिखा। ऐसे में सवाल उठाता है कि रणजी ट्रॉफी में शानदार फॉर्म में चल रहे चेतेश्वर पुजारा को इस वनडे में क्यूं नहीं मौका दिया गया। उल्लेखनीय है कि राजकोट का मैदान पुजारा का होम ग्राउंड है। पुजारा ने इस मैच से ठीक एक दिन पहले सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए 427 गेंदों में 49 चौके और एक छक्का जड़ते हुए 352 रन की पारी खेली थी।
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