फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

LSG vs SRH Analysis: कप्तान आए पर नहीं बदली हैदराबाद की किस्मत, गेंदबाजी-बल्लेबाजी सब फेल, विकेटकीपिंग भी खराब

Fri, 07 Apr 2023 11:49 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा है। यह इस टूर्नामेंट में हैदराबा की दूसरी हार है। लगातार दूसरे मैच में हैदराबाद की गेंदबाजी और बल्लेबाजी सब फेल रही है। 
 
विज्ञापन
सनराइजर्स हैदराबाद बनाम लखनऊ सुपर जाएंट्स - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईपीएल 2023 के 10वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही यह टीम अंक तालिका में आखिरी स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, लखनऊ की टीम जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। स्पिन पिच पर लखनऊ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद की टीम सिर्फ 121 रन पर सिमट गई। लखनऊ ने पांच विकेट खोकर 24 गेंद रहते लक्ष्य हासिल कर लिया और लगातार दूसरी जीत दर्ज की। 
विज्ञापन


लखनऊ सुपरजाएंट्स के लिए क्रुणाल पांड्या ने तीन विकेट लिए और 34 रन बनाए। वहीं, अमित मिश्रा ने दो, यश ठाकुर और रवि बिश्नोई ने एक-एक विकेट लिया। बल्ले के साथ कप्तान राहुल ने सबसे ज्यादा 35 रन बनाए। हैदराबाद के लिए आदिल राशिद ने दो और भुवनेश्वर, फजलहक फारुकी, उमरान मलिक ने एक-एक विकेट लिया।

लखनऊ सुपर जाएंट्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद - फोटो : अमर उजाला
इस मैच में कुछ भी हैदराबाद के पक्ष में नहीं रहा। पिछले सीजन भी यह टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी। इसके बाद इस टीम के कप्तान से लेकर प्रमुख खिलाड़ी तक सब कुछ बदल दिया गया। उम्मीद की जा रही थी कि यह टीम इस सीजन अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन अब तक सनराइजर्स हैदराबाद टूर्नामेंट की सबसे खराब टीम के रूप में सामने आई है। 

पहले मैच में हैदराबाद के कप्तान एडेन मार्करम सहित कई प्रमुख खिलाड़ी नहीं थे। ऐसे में टीम की हार को कप्तान की गैरमौजूदगी से जोड़कर देखा गया, लेकिन इस मैच में कप्तान एक गेंद खेलने और टॉस में शामिल होने के अलावा कुछ खास नहीं कर पाए। 


फिर फेल हुए बल्लेबाज
राजस्थान के खिलाफ मैच में भी हैदराबाद के बल्लेबाज फेल हुए थे। तब माना गया कि 200 रन से ज्यादा के स्कोर दबाव था। इस वजह से बल्लेबाज गलत शॉट खेलकर आउट हुए। हालांकि, इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भी टीम का वही हाल रहा। सभी प्रमुख बल्लेबाज एक-एक कर आउट हो गए। राहुल त्रिपाठी ने रन भी बनाए तो उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 85 का रहा। वहीं, वाशिंगटन सुंदर ने भी 57 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। टीम के पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए। 

सात प्रमुख बल्लेबाजों की बात करें तो तीन दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए। दो का स्ट्राइक रेट 100 से कम रहा। सिर्फ अब्दुल समद (10 गेंद में 21 रन) और अनमोलप्रीत सिंह (26 गेंद में 31 रन) ही संतोषजनक प्रदर्शन कर पाए।  

नहीं चले गेंदबाज
सनराइजर्स हैदराबाद की टीम हमेशा से ही अच्छी गेंदबाजी के लिए जानी जाती है, लेकिन इस सीजन इस टीम की गेंदबाजी भी फ्लॉप रही है। सबसे सीनियर गेंदबाज भुवनेश्वर ने इस मैच में सिर्फ दो ओवर करने में पांच वाइड गेंद कर दी। अकेले फजलहक फारुकी ने अच्छी गेंदबाजी की। पिछले मैच में टी नटराजन लय में दिखे थे, लेकिन इस मैच में वह भी कोई विकेट नहीं ले सके। 



कप्तानी और खराब रणनीति हार की सबसे बड़ी वजह 
इस मैच में एडेन मार्करम की कप्तानी हार की सबसे बड़ी वजह रही। वह स्पिन पिच पर पहले बल्लेबाजी करते हुए प्लेइंग-11 में चार प्रमुख गेंदबाजों के साथ उतरे। जबकि उनकी टीम में दो ऑलराउंडर भी थे। बल्लेबाजी के समय वह खुद पहली ही गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद राहुल त्रिपाठी और वॉशिंगटन सुंदर ने बेहद धीमी बल्लेबाजी की। इसी वजह से टीम लड़ने लायक स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। 

पहली पारी में लखनऊ के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में उम्मीद थी कि हैदराबाद की टीम मयंक मार्कंडेय को अपनी टीम में शामिल करेगी। मार्करम ने ऐसे में फजलहक फारुखी को टीम में जोड़ा। फारुकी ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन वह सिर्फ एक विकेट ले पाए। मार्करम के फैसले का असर यह हुआ की गेंदबाजी के समय उनके पास सिर्फ एक प्रमुख स्पिनर (आदिल राशिद) था। 

छोटे स्कोर का बचाव करने के लिए हैदराबाद को विकेट लेना जरूरी था और शुरुआत से ही यह साफ था कि स्पिन गेंदबाज ही इस पिच पर आसानी से विकेट दिला सकते हैं। ऐसे में मार्करम ने अपने प्रमुख स्पिनर राशिद से तीन ही ओवर कराए। दूसरे स्पिनर सुंदर से भी एक ही ओवर कराया और वह भी पावरप्ले में था। खुद मार्करम ने दो ओवर की गेंदबाजी की। स्पिन पिच पर स्पिनर्स ने सिर्फ छह ओवर किए, जबकि तेज गेंदबाजों ने 10 ओवर कर दिए। ऐसे में टीम की हार तय थी। 

विज्ञापन

लखनऊ को क्रुणाल ने दिलाई जीत
लखनऊ की जीत में सबसे ज्यादा योगादान क्रुणाल पांड्या का रहा। उन्होंने पहले गेंदबाजी करते हुए तीन अहम विकेट निकाले और 15 डॉट गेंद कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। इसके बाद बल्ले के साथ भी 23 गेंद में 34 रन की पारी खेल कप्तान राहुल और बाकी बल्लेबाजों का काम आसान किया। लखनऊ की जीत की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजों का संयम रहा। मुश्किल पिच पर छोटे स्कोर का पीछा करते हुए कप्तान राहुल और बाकी बल्लेबाजों ने बहुत तेज गति से रन बनाने की कोशिश नहीं की। इसी वजह से टीम के विकेट बचे रहे और टीम चार ओवर रहते 127 रन बनाने में सफल रही। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें