लखनऊ सुपर जाएंट्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद
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इस मैच में कुछ भी हैदराबाद के पक्ष में नहीं रहा। पिछले सीजन भी यह टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी। इसके बाद इस टीम के कप्तान से लेकर प्रमुख खिलाड़ी तक सब कुछ बदल दिया गया। उम्मीद की जा रही थी कि यह टीम इस सीजन अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन अब तक सनराइजर्स हैदराबाद टूर्नामेंट की सबसे खराब टीम के रूप में सामने आई है।
पहले मैच में हैदराबाद के कप्तान एडेन मार्करम सहित कई प्रमुख खिलाड़ी नहीं थे। ऐसे में टीम की हार को कप्तान की गैरमौजूदगी से जोड़कर देखा गया, लेकिन इस मैच में कप्तान एक गेंद खेलने और टॉस में शामिल होने के अलावा कुछ खास नहीं कर पाए।
पहली पारी में लखनऊ के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में उम्मीद थी कि हैदराबाद की टीम मयंक मार्कंडेय को अपनी टीम में शामिल करेगी। मार्करम ने ऐसे में फजलहक फारुखी को टीम में जोड़ा। फारुकी ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन वह सिर्फ एक विकेट ले पाए। मार्करम के फैसले का असर यह हुआ की गेंदबाजी के समय उनके पास सिर्फ एक प्रमुख स्पिनर (आदिल राशिद) था।
छोटे स्कोर का बचाव करने के लिए हैदराबाद को विकेट लेना जरूरी था और शुरुआत से ही यह साफ था कि स्पिन गेंदबाज ही इस पिच पर आसानी से विकेट दिला सकते हैं। ऐसे में मार्करम ने अपने प्रमुख स्पिनर राशिद से तीन ही ओवर कराए। दूसरे स्पिनर सुंदर से भी एक ही ओवर कराया और वह भी पावरप्ले में था। खुद मार्करम ने दो ओवर की गेंदबाजी की। स्पिन पिच पर स्पिनर्स ने सिर्फ छह ओवर किए, जबकि तेज गेंदबाजों ने 10 ओवर कर दिए। ऐसे में टीम की हार तय थी।