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क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा मैच, अंत की कहानी भी दिलचस्प

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क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा मैच। इस मैच की कहानी बेहद दिलचस्प है। इस मैच को 'टाइम लैस मैच' नाम दिया गया था। इसका मतलब है मैच की कोई समय सीमा नहीं। यह मैच कुल 12 दिन चला, इसमें 9 दिन मैच हुआ जबकि 3 दिन बारिश के चलते मैच बाधित रहा।
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हम बात कर रहे हैं 3-14 मार्च 1939 में दक्षिण अफ्रीका की धरती में 12 दिन चले एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की। मेहमान टीम थी दिग्गज इंग्लैंड। इस मैच में दोनों टीम की ओर से कुल 1981 रन बने। आज तक किसी भी मैच में इतने रन नहीं बन पाए है।

इतना ही नहीं इस ऐतिहासिक मैच में 4 सेंचुरी और एक डबल सेंचुरी भी लगी। दक्षिण अफ्रीका ने दोनों पारियों में 1011 रन (पहली पारी में 530 रन और दूसरी पारी में 481 रन) बनाए। जबकि इंग्लैंड पहली पारी में 316 रन ही बना सकी थी।
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हालांकि पहली पारी में बेहद कम स्कोर के बावजूद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में वापसी की और जीत के बेहद करीब पहुंची लेकिन कुछ ऐसा हुआ कि वह आगे खेल नहीं पाई। (जानकारी और फोटो स्पोर्ट्सकीड़ा डॉट कॉम से)

अफ्रीकी टीम को चाहिए थी हर हाल में जीत

मेजबान दक्षिण अफ्रीका अपने घर में टेस्ट सीरीज गंवाना नहीं चाहता था। 5 मैचों की सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे चल रही थी। वह आखिरी मैच था और मेजबान को जीत हर हाल में चाहिए थी।

3 मार्च 1939 से शुरू हुए इस ऐतिहासिक मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और 540 रनों का तगड़ा लक्ष्य दिया। इसमें उनकी टीम की ओर से वांडर बिजल (125) और नोर्स (103) ने शानदार शतक ठोका।

बल्लेबाजी के लिए अनुकूल उस पिच में अफ्रीकी टीम के विशाल स्कोर के सामने मेहमान इंग्लैंड टीम सिर्फ 316 रन ही बना सकी। इसमें अफ्रीकी गेंदबाज डेल्टन की भूमिका प्रमुख रुप से रही। डेल्टन ने 59 रन देकर 4 विकेट झटके।

इंग्लैंड ने ऐन मौके पर खींचे मैच से हाथ

पहली पारी में अफ्रीका ने मेहमान इंग्लैंड टीम पर 214 रनों की बढ़त बनाई। मेजबान टीम अब अपनी जीत पर निश्चिंत थी। दूसरी पारी में अफ्रीका ने 481 रन और बनाए। इस बार उनके एक और बल्लेबाज मेलेविल्ली ने 103 रन बनाए।

अब इंग्लैंड को जीत के लिए 695 रनों की जरुरत थी। इंग्लैंड ने इस बार बाजी पलटी और 5 विकेट खोकर 654 रन बना लिए। इसमें इंग्लैंड के कप्तान हेमंड ने 140 रन और बल्लेबाज इडरिच ने 219 रनों की अद्भुत पारी खेलकर टीम को संकट से उबारा।

यह मैच का 12वां दिन था। दिन का खेल खत्म होने ही वाला था और इंग्लैंड को अभी भी जीत के लिए 42 रनों की जरुरत थी। उसके पास 5 विकेट और बचे थे। लेकिन इंग्लैंड ने मैच से अपने हाथ खिंचना ही सही समझा। (फोटो: इंग्लैंड क्रिकेट टीम)
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इंग्लैंड को घर जाने की थी जल्दी

दक्षिण अफ्रीका टीम के 695 रनों के लक्ष्य के जवाब में मैच के 12वें दिन (14 मार्च 1939) इंग्लैंड ने 5 विकेट खोकर 654 रन बना लिए थे। जीत के लिए 42 रन चाहिए थे। लेकिन इंग्लैंड ने अंपायर को मैच ड्रॉ करने की अपील कर दी।

दरअसल, 14 मार्च को उस रात इंग्लैंड को वापस अपने देश लौटना था। रात 8 बजे शिप (पानी का जहाज) की अफ्रीका से इंग्लैंड की ओर रवानगी थी। इसी जहाज में इंग्लैंड के क्रिकेटरों ने भी जाना था।

क्योंकि दिन का खेल खत्म हो चुका था और इंग्लैंड को अगर मैच जीतना था तो अगले दिन भी मैच जारी रहता, लेकिन चाहकर भी वह मैच पूरा नहीं खेल सकी।

आखिरकार मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ और मेहमान इंग्लैंड टीम 5 मैचों की सीरीज 1-0 से जीतकर ट्रॉफी लेकर अपने देश लौट गई। (फोटो: दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम)
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