बड़ा क्रिकेटर बनने के लिए टेनिस बॉल अहम भूमिका निभा सकती है। यह कोई और नहीं दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह मानते हैं। भज्जी के अनुसार उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत टेनिस बॉल से की और ऐसा कोई क्रिकेटर नहीं है, जिसकी शुरुआत टेनिस या रबर की गेंद से नहीं हुई हो। अमर उजाला से हरभजन खुलासा करते हैं कि टेस्ट पदार्पण से पहले उन्होंने जालंधर में टेनिस बॉल टूर्नामेंट जीता था। वह उनके लिए यादगार है।
विराट कोहली और हरभजन सिंह
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'देश के लिए खेलने का भी मौका'
हरभजन बताते हैं कि जालंधर में देवी तालाब मंदिर के सामने स्थित पार्क में टेनिस बॉल रात्रि टूर्नामेंट हुआ करता था। मैं उस वक्त पेशेवर क्रिकेटर हुआ करता था और बर्लटन पार्क में अभ्यास करता था। विपक्षी टीमों ने टक्कर दी, लेकिन हम टूर्नामेंट जीते थे। टेनिस बॉल से सफल होकर ही उन्होंने क्रिकेट को करियर बनाने का सोचा।
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हरभजन सिंह
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'टेनिस गेंद पर हिट मारना व गेंदबाजी दोनों मुश्किल'
टेनिस और लेदर गेंद से फर्क के बारे में हरभजन कहते हैं कि दोनों को खेलने का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन बाकी सब समान है। टेनिस गेंद पर हिट मारना और गेंदबाजी करना दोनों मुश्किल है। स्पिन अलग तरह से करना पड़ सकता है। बाउंस अलग है। हर बॉल में बाउंस में फर्क है। लेदर बॉल में बाउंस समान है। टेनिस बॉल में अंत तक गेंद को देखना पड़ता है। आंखें खोलकर खेलना है तो टेनिस बॉल से अभ्यास करना चाहिए।
'सचिन की तरह भीगी टेनिस गेंद से करते थे अभ्यास'
हरभजन बताते हैं कि जब वह इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और द. अफ्रीका जाया करते थे तो कोच टेनिस गेंद को पानी में भिगोकर अभ्यास कराते थे। ये गेंद बहुत तेज निकलती है। इसके अभ्यस्त हो गए तो फिर लगता है कि 130-135 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार कुछ नहीं है। बाउंसर को कैसे खेलना तो कोच टेनिस रैकेट से टेनिस बॉल को पटककर अभ्यास कराते थे। उससे पेस भी निकलता है और गेंद को कैसे छोड़ना है उसका भी अभ्यास होता था। भीगी टेनिस बॉल से मैंने अपनी बल्लेबाजी अच्छी करने का अभ्यास किया था। सचिन भी भीगी टेनिस गेंद से अभ्यास करते थे।
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हरभजन सिंह का करियर
भज्जी भारत के दिग्गज गेंदबाजों में से एक रहे हैं। वह 2007 में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम और 2011 में वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। हरभजन ने भारत के लिए डेब्यू मार्च 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में टेस्ट से किया था। इसके बाद अप्रैल 1998 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ शारजाह में पहला वनडे खेला था। भज्जी ने अपना पहला टी20 मैच 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में खेला था। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 103 टेस्ट, 236 वनडे और 28 टी20 खेले हैं।
टेस्ट में भज्जी के नाम 417 विकेट, वनडे में 269 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 25 विकेट हैं। टेस्ट में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 84 रन देकर आठ विकेट, वनडे में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 31 रन देकर पांच विकेट और टी20 में 12 रन देकर चार विकेट हैं। टेस्ट में हरभजन ने 25 बार पारी में पांच विकेट लिए, जबकि वनडे में उन्होंने ऐसा तीन बार किया। टेस्ट में भज्जी ने 18.22 की औसत से 2224 रन, वनडे में 1237 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 108 रन बनाए हैं। टेस्ट में भज्जी के नाम दो शतक और नौ अर्धशतक हैं। इसके अलावा हरभजन 163 आईपीएल मैचों में 150 विकेट ले चुके हैं। उनका इकोनॉमी रेट 7.07 का रहा है।