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LLC Ten 10: कभी IPL के हीरो रहे तेज गेंदबाज कामरान खान का छलका दर्द, कहा- मदद मिलती तो अख्तर को पीछे छोड़ देता

Sat, 22 Feb 2025 05:47 PM IST
स्वप्निल शशांक हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एलएलसी टेन-10 के दौरान कामरान खान का दर्द छलका। कामरान ने कहा कि सही समय पर मदद मिली होती तो आज वह देश के सबसे तेज गेंदबाज होते।
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कामरान खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कामरान खान...बाएं हाथ का वह तेज गेंदबाज जिसने आईपीएल के पहले सीजन यानी आईपीएल के शुरुआती सत्रों में अपनी गति से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था। वह, तेज गेंदबाज जिसे महान शेन वॉर्न ने देश की सबसे बड़ी क्रिकेट प्रतिभा में से एक माना और कहा था, 'कामरान के रूप में प्रतिभा की बर्बादी हुई है। 'टॉरनेडो' के नाम से प्रसिद्ध रहे कामरान इस वक्त एलएलसीटेन10 का हिस्सा हैं और मेरठ इन्वेडर्स के लिए खेल रहे हैं। कामरान ने अमर उजाला से बातचीत की और अपनी कहानी बताई। 
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इस लीग के दौरान उनका दर्द छलका। कामरान ने कहा कि सही समय पर मदद मिली होती तो आज वह देश के सबसे तेज गेंदबाज होते। कामरान फिलहाल 33 साल के हैं। साल 2009 में 145 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद डालने वाले कामरान को वॉर्न ने ही आईपीएल का पहला सुपरओवर कराया था। कामरान ने क्रिस गेल को आउट कर राजस्थान रॉयल्स को वह मैच जिताया था, लेकिन चकिंग के एक आरोप ने उनका करियर खत्म कर दिया था।

गरीब बच्चों को मुफ्त में सिखाएंगे क्रिकेट
कामरान कहते हैं, 'मुझे ऑस्ट्रेलिया में बायोमेकेनिक्स टेस्ट और बाद में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी ने हरी झंडी दी। फिर भी मेरे साथ सौतेला व्यवहार हुआ।' कामरान के अनुसार अगर उन्हें मदद मिली होती तो उनमें पाकिस्तान के शोएब अख्तर को भी तेजी में पीछे छोड़ने का दम था। उन्होंने कहा, 'मैं सबसे तेज गेंदबाज होता। 17 साल की उम्र में 150 की तेजी को छूना और 145 की औसत तेजी निकालना छोटी बात नहीं थी। अब इच्छा है कि आजमगढ़ या फिर लखनऊ में अकादमी खोलकर दूसरे तेज गेंदबाज निकालूं। जो बच्चे पैसे की दिक्कत के कारण कमी से नहीं खेल पा रहे हैं उन्हें प्रशिक्षण दूंगा। गरीब प्रतिभाओं की खुद तलाश करूंगा और उन्हें खाने-पीने को भी दूंगा।'

'बड़े क्रिकेटरों ने भी नहीं दिया साथ'
33 वर्षीय कामरान कहते हैं कि किसी बड़े क्रिकेटर ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'अगर मैं किसी अन्य देश में होता तो शायद दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज होता। 17 साल की उम्र में 150 की तेजी को छूना और 145 की औसत तेजी निकालना छोटी बात नहीं थी। मैं ऐसा क्रिकेटर था जो ऊंचे दर्जे की क्रिकेट खेले बिना आईपीएल तक पहुंचा। शायद इसी लिए किसी ने आगे मदद नहीं की। मैंने ये शब्द कभी प्रयोग नहीं किया, लेकिन मेरे ऊपर किसी का हाथ होता तो मैं आगे बढ़ सकता था। जब मुझे भारत और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नहीं खिलाया जा रहा था, तब शेन वॉर्न ने मेरे बारे में ट्वीट कर कहा था, भारत को एक हीरा मिला, लेकिन उसकी भी कद्र नहीं हुई।'
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कामरान का आईपीएल करियर
कामरान साल 2009, 2010 और 2011 में राजस्थान टीम का हिस्सा रहे। दिवंगत शेन वॉर्न के मार्गदर्शन और सोहेल तनवीर, मोर्ने मोर्कल और मुनफ पटेल सरीखे तेज गेंदबाजों की मदद से कामरान स्टार बनकर उभरे थे। उन्होंने आईपीएल में कुल नौ मैचों में नौ विकेट लिए थे। उनका इकोनॉमी रेट 8.40 का और स्ट्राइक रेट 17.7 का रहा था। साल 2009 में कामरान ने पांच मैचों में 20.66 की औसत और 17.66 के स्ट्राइक रेट से छह विकेट लिए थे। इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 7.01 का रहा था। 2010 में कामरान तीन मैच खेले और तीन विकेट लिए। 2011 में वह एक मैच खेल पाए थे और कोई विकेट नहीं ले पाए।
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