टेस्ट मैच के चौथे दिन दक्षिण अफ्रीका ने अपने पुराने स्कोर 385/8 से आगे खेलना शुरू किया। तीसरे दिन नाबाद लौटे मुथस्वामी और केशव महाराज ने भारतीय गेंदबाजों को संभल कर खेलना शुरू किया ही था कि, जल्द ही अश्विन ने भारत को चौथे दिन की पहली सफलता महाराज को आउट कर दिलाई।
केशव के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने के लिए आए कगिसो रबाडा और मुथस्वामी ने आखिरी विकेट लिए 35 रन जोड़े और दक्षिण अफ्रीकी टीम का स्कोर बोर्ड चलाया, लेकिन एक बार फिर अश्विन अटैक पर लौटे और रबाडा को एलबीडब्लू आउट कर दक्षिण अफ्रीका की पारी को 431 रन पर समेट दिया। अश्विन ने इस पारी में 145 रन देकर कुल सात विकेट चटकाए।
इसके पहले मैच का तीसरा दिन पूरी तरह दक्षिण अफ्रीक के नाम रहा था। साउथ अफ्रीका ने जब तीसरे दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 39 रन से की तब मैच एकतरफा लग रहा था, लेकिन इसके बाद एल्गर ने पारी को अच्छी तरह से संवारा और उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग मिला। एल्गर और कप्तान फाफ डुप्लेसिस (55) ने पांचवें विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी की। इसके बाद डि कॉक ने बखूबी उनका साथ दिया। इन दोनों ने छठे विकेट के लिए अब तक 164 रन जोड़े।
एल्गर ने 160 रन की लाजवाब पारी खेली और वह 2010 के बाद भारतीय सरजमीं पर शतक जड़ने वाले पहले साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज बने, जबकि डि कॉक (111) ने अपने सदाबहार अंदाज में बल्लेबाजी करके सैकड़ा जड़ा। इन दोनों की शतकीय पारियों से साउथ अफ्रीका ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक आठ विकेट पर 385 रन बनाए हैं।