601 रन के पहाड़ से स्कोर के जवाब में दक्षिण अफ्रीकी की शुरुआत बेहद खराब रही। उमेश यादव ने मैच के दूसरे दिन एडन मार्करम को बिना खाता खोले ही पवेलियन लौटा दिया। 33 रन के भीतर दक्षिण अफ्रीका अपने तीन विकेट गंवा चुकी थी। मेहमान टीम को दूसरा झटका भी उमेश यादव ने ही दिया। डीन एल्गर (6) रन बनाकर क्लीन बोल्ड आउट हुए।
टीम इस झटके से उबर ही नहीं पाई थी कि मोहम्मद शमी ने आते ही बावुमा (8) का काम तमाम किया। दूसरे दिन के अपने स्कोर 36/3 से आगे खेलते हुए शनिवार को तीसरे ही ओवर में मोहम्मद शमी ने नॉर्टजे को निपटाया। टीम के स्कोर में अभी 12 रन ही जुड़ पाए थे कि उमेश यादव ने ब्रायन का भी काम तमाम कर दिया।
इसके बाद स्पिनर्स ने कमान संभाली। लंच से ठीक पहले आर. अश्विन 38वां ओवर फेंकने आए और उन्होंने भारत को छठी सफलता दिलाई। अश्विन ने डिकॉक को 31 रन के स्कोर पर बोल्ड किया। डुप्लेसी और डिकॉक की यह साझेदारी भारत के लिए मुश्किल बनती जा रही थी। लंच से ठीक बाद रवींद्र जडेजा ने अपनी घातक फिरकी से मुथुस्वामी को पवेलियन भेजते हुए दक्षिण अफ्रीका का सातवां विकेट गिराया।
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसी (64) और क्विंटन डिकॉक (31) पारी को संवारने की कोशिश में लगे थे। दोनों के बीच 75 रन की साझेदारी को रविचंद्रन अश्विन ने तोड़ा जब डिकॉक उनकी गेंद पर आउट हुए। बल्लेबाजों की मददगार लग रही पिच पर दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी जूझते नजर आए।
लंच के बाद सेनुरान मुथुस्वामी सात रन बनाकर जडेजा की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। वहीं अश्विन ने डुप्लेसी को पहली स्लिप में अजिंक्य रहाणे के हाथों लपकवाया। नौवें विकेट के लिए केशव महाराज और वर्नोन फिलेंडर ने 109 रनों की साझेदारी की और भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया।
केशव महाराज ने आर. अश्विन के ओवर की दूसरी गेंद पर कवर्स की ओर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। टेस्ट क्रिकेट में यह उनका पहला अर्धशतक है। 98 गेंदों में उन्होंने पचास रन पूरे किए। फिर भारत को आखिरकार वह विकेट आ ही गया, जिसका भारत को इंतजार था। अश्विन की गेंद पर फ्लिक करने की कोशिश में महाराज स्लिप पर खड़े रोहित शर्मा को कैच थमा बैठे।
महाराज ने 132 गेंदों में अपने करियर का सर्वोच्च स्कोर (72) बनाया। अपनी इस पारी में उन्होंने 12 चौके लगाए। फिर अश्विन ने कागिसो रबाडा को एलबीडब्ल्यू करके न सिर्फ अपने चार विकेट झटके बल्कि साउथ अफ्रीका की पारी को 275 रन पर समेट भी दिया। इस तरह भारत को 326 रनों की लीड हासिल हुई। भारत बल्लेबाजी करने उतरेगा या साउथ अफ्रीका को फॉलोऑन देगा इसका फैसला कल बताया जाएगा।
254 रन की पारी खेलने वाले विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर भी बनाया। कोहली ने अपनी नाबाद पारी में 336 गेंदों का सामना कर तीन चौके और दो छक्के मारे। ताबड़तोड़ 91 रन बनाने वाले जडेजा ने 104 गेंदों का सामना किया। जड्डू ने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के लगाए। इन दोनों के अलावा मयंक अग्रवाल ने 195 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्कों की मदद से 108 रनों की पारी खेली। उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 59 और चेतेश्वर पुजारा ने 58 रनों का योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका के लिए कागिसो रबाडा ने तीन, केशव महाराज और सेनुरान मुथुसामी ने एक-एक विकेट लिया।
बतौर कप्तान टेस्ट में सबसे ज्यादा दोहरे शतक
7 - विराट कोहली
5 - ब्रायन लारा
4 - सर डॉन ब्रैडमैन/ग्रीम स्मिथ/माइकल क्लार्क
इसके पहले रनमशीन विराट कोहली ने साल 2019 का पहला टेस्ट शतक लगाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिसंबर 2018 में पर्थ के मैदान पर अपना आखिरी शतक जमाने वाले कोहली ने 10 पारियों के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी पुणे टेस्ट के दूसरे दिन शतकों का सूखा खत्म किया। यह विराट के करियर का 26वां सैकड़ा था, इस सेंचुरी के साथ ही उन्होंने हमेशा की तरह एक के बाद एक कई रिकॉर्ड्स भी तोड़ दिए।
दूसरी ओर, रहाणे 59 रन बनाकर केशव महाराज की गेंद पर विकेटकीपर डिकॉक के हाथों कैच आउट हुए। उन्होंने कोहली के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 178 रन की साझेदारी की। दोनों के बीच किसी भी विकेट के लिए ये 10वीं शतकीय साझेदारी थी।
पहले दिन भारत ने कुल 85.1 ओवर बल्लेबाजी की और अम्पायरों ने खराब रोशनी के कारण पहला दिन समाप्त करने का निर्णय लिया। सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने पहले दिन भारत को दमदार शुरुआत दिलाते हुए सबसे अधिक 108 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
भारत की ओर से पहले दिन के हीरो मयंक अग्रवाल रहे। मयंक ने 108 रन की शतकीय पारी खेली, इसी के साथ वह लगातार दो मैच में सैकड़ा जमाने वाले वीरेंद्र सहवाग के बाद दूसरे ओपनर बन गए। आज टेस्ट मैच के पहले दिन भारत को रोहित शर्मा के रूप में पहला झटका लगा। विशाखापट्टनम में हुए पहले टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़कर इतिहास रचने वाले रोहित शर्मा (14) को तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा ने निपटाया। रोहित के बल्ले का किनारा लेते हुए गेंद विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक के दस्तानों में समा गई।
रोहित के आउट होने के बाद मयंक और पुजारा ने भारतीय पारी को संभाला और दोनों के बीच 138 रन की साझेदारी हो चुकी थी। टीम का स्कोर अभी 163 ही हुआ था कि एक बार फिर रबाडा का जादू चला। अपने कप्तान को पुजारा (58) का बहुमुल्य विकेट देते हुए पुजारा को उन्होंने पहली स्लिप में डुप्लेसिस के हाथों लपकवाया।
एक छोर पर टिके मयंक अग्रवाल (108) ने इस बीच अपना लगातार दूसरा शतक पूरा किया। इसके तुरंत बाद रबाडा ने उन्हें भी चलता किया। 198 के स्कोर पर लगे तीसरे झटके के बाद कप्तान कोहली ने अजिंक्य रहाणे के साथ पारी को संभाला। कप्तान विराट ने अपनी 23वीं फिफ्टी पूरी की। अजिंक्य उनका बखूबी साथ निभा रहे हैं।
2015 में टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम
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इसके पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ने ही अपनी टीम में एक-एक बदलाव किया। भारतीय टीम में तेज गेंदबाज उमेश यादव की एंट्री हुई है। हनुमा विहारी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं है। दक्षिण अफ्रीका ने भी पेसर नोर्ट्जे को टीम में जगह दी है। बताते चलें कि भारतीय टीम ने विशाखापट्टनम में पहला टेस्ट 203 रन से जीता था।
भारतीय टीम घरेलू जमीन पर रिकॉर्ड लगातार 11वीं टेस्ट सीरीज जीतने की दहलीज पर है। टीम इंडिया ने घर में फरवरी 2013 से खेली गई सभी दस टेस्ट सीरीज जीती हैं। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ लगातार 10-10 टेस्ट सीरीज जीतकर बराबरी पर है। ऑस्ट्रेलिया ने दो बार घर में यह उपलब्धि हासिल की है। उसने नवंबर 1994 से नवंबर 2000 और जुलाई 2004 से नवंबर 2008 के बीच अपनी धरती पर लगातार 10-10 टेस्ट सीरीज जीती हैं।