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रैना ने की रनों की 'बारिश', भारत की जीत का 'छक्का'

Sat, 14 Mar 2015 03:32 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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ऑकलैंड में वर्ल्ड कप के 39वें मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के लगातार 6 बार विपक्षी टीम को ऑलआउट करने का कारनामा कर करने के बाद रैना के शानदार शतक की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे को 6 विकेट से हराते हुए लगातार जीत का छक्का भी लगा दिया।
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जीत के लिए मिले 288 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने इसे 48.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। सुरेश रैना (110) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (85) ने पांचवें विकेट के लिए 196 रनों की अविजित साझेदारी करते हुए टीम की टूर्नामेंट में जीत का छक्का लगा दिया। भारत की वर्ल्ड कप में यह लगातार 10वीं और आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में उसकी लगातार 15वीं जीत है।

भारत की जीत के नायक रहे रैना ने आज अपने वनडे करियर का पांचवां और वर्ल्ड कप में पहला शतक ठोंका। साथ ही उन्होंने धोनी के साथ वनडे में छठी बार शतकीय साझेदारी निभाई।
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इससे पहले ब्रैंडन टेलर के शतक के बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम 48.5 ओवर में 287 रनों पर समेट दिया। भारत ने लगातार 6 बार विपक्षी टीम को ऑलआउट करने का कारनामा किया। बेहद खराब शुरुआत से उबरते हुए जिम्बाब्वे ने यह स्कोर खड़ा किया। हालांकि इस स्कोर तक पहुंचने में कप्तान ब्रैंडन टेलर (138) का ज्यादा योगदान रहा जिन्होंने गजब की पारी खेलते हुए शानदार शतक लगाया। अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे टेलर ने वर्ल्ड कप में लगातार दूसरा शतक लगाया है और वह ऐसा करने वाले जिम्बाब्वे के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।

भारत की ओर से तेज गेंदबाज उमेश यादव, मोहित शर्मा और मोहम्मद शमी ने 3-3 विकेट झटके। हालांकि आर अश्विन और रवींद्र जडेजा आज अपना जलवा नहीं दिखा पाए। दोनों ने 10-10 ओवर डाले और 70 से ज्यादा रन लुटाए। अश्विन को सफलता जरूर मिली लेकिन वह 75 रन देकर सबसे ज्यादा खर्चीले गेंदबाज बने।

ढीली शुरुआत के बाद कप्तान टेलर ने ठोंका शतक

टॉस जीतने के बाद भारत ने जिम्बाब्वे को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया। कप्तान धोनी के फैसले को भारतीय गेंदबाजों ने सही साबित करते हुए जल्दी-जल्दी 3 विकेट झटक लिए। चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर ही उमेश यादव ने हैमिल्टन मास्कजदा (2) को धोनी के हाथों कैच आउट कराकर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद अगले ओवर में मोहम्मद शमी ने चामू शिभाभा (7) को कैच आउट कराया। इसके बाद भारत को तीसरी सफलता भी जल्द मिल गई। मोहित शर्मा ने सोलोमन मायर को 9 रन के निजी स्कोर पर चलता किया।

महज 33 रन पर 3 विकेट खोने के बाद जिम्बाब्‍वे के लिए कार्यवाहक कप्तान ब्रैंडन टेलर और सियन विलियम्स ने भारतीय आक्रमण का डटकर सामना करते हुए पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 83 रनों की साझेदारी करते हुए अपने-अपने अर्धशतक जमाए। हालांकि विलियम्स 50 रन बनाते ही आर अश्विन की गेंद पर कॉटएंडबोल्ड हो गए। लेकिन दूसरे छोर पर अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे टेलर जमे रहे और क्रेग इरविन के साथ पारी को आगे बढ़ाया।

टेलर ने 39वें ओवर में शमी की गेंद पर छक्का जमाकर अपना शतक पूरा किया। वह वर्ल्ड कप में लगातार 2 शतक लगाने वाले जिम्बाब्वे के पहले बल्लेबाज भी बन गए। इसके बाद इसी ओवर की अंतिम गेंद पर छक्का मारकर टीम के स्कोर पर 200 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा टेलर एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर गए और वह है एक वर्ल्ड कप में 400 से ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड। इस आंकड़े को छूने वाले टेलर अपनी टीम के पहले बल्लेबाज हैं।

टेलर की धुंआधार पारी का अंत मोहित शर्मा ने किया। टेलर 42वें ओवर में कैच आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 110 गेंदों में 15 चौके और 5 छक्के लगाए। बाद में उनकी टीम अपने कोटे के पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 49वें ओवर में ऑलआउट हो गई।
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शीर्ष क्रम की नाकामी के बाद रैना-धोनी ने संभाला

वर्ल्ड कप में लगातार छठे मैच में जीत के लिए जिम्बाब्वे से मिले 288 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया के लिए रोहित शर्मा (16) और शिखर धवन ने सधी शुरुआत दिलाने की कोशिश की लेकिन सातवें ओवर की पहली गेंद पर तेज गेंदबाज टिनाशे पानयांगरा ने रोहित को कैच आउट कराकर पहला झटका दिया। इसके बाद इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर शिखर धवन (4) भी प्लेडाउन होकर बोल्ड हो गए।

महज 21 रन पर 2 विकेट गंवा देने के बाद संकट में दिख रही टीम इंडिया के लिए विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने तीसरे विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी कर मैच में वापसी की आस दिलाई, लेकिन रहाणे 19 रन के निजी स्कोर पर रन चुराने के प्रयास में रन आउट हो गए। उनके जाने के बाद कोहली से टीम को काफी आस थी लेकिन वह भी 38 रन के निजी स्कोर पर सिकंदर रजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। हालांकि वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से बोल्ड हुए। भारत ने 92 पर ही शीर्ष क्रम पर अपने 4 बल्लेबाज गंवा दिए थे।

झटकों में उमझी टीम इंडिया को अब एक बड़ी और टिकाऊ साझेदारी की जरूरत थी जिसे कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना की जोड़ी ने बहुत हद तक संभाला। इस जोड़ी ने पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया।
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