कार्यवाहक कप्तान रहे विराट कोहली (2013) और अजिंक्य रहाणे (2015) के नक्शेकदम पर चलते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी जिम्बाब्वे की धरती पर क्लीन स्वीप करने के टीम इंडिया के सिलसिले को बनाए रखा। भारत की इस अफ्रीकी देश में पिछले 4 सालों में यह लगातार तीसरी सीरीज है जिसमें उसने मेजबान टीम का सूपड़ा साफ किया है।(SCORECARD)
युवा खिलाड़ियों के साथ जिम्बाब्वे के साथ सीरीज खेलने गई टीम इंडिया को तीनों ही मैचों में जीत हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आई। आज तीसरा मैच भी बेहद एकतरफा रहा और भारत ने जीत के लिए मिले 124 रनों के छोटे से लक्ष्य को एक भी विकेट गंवाए बगैर 169 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
भारत इससे पहले जिम्बाब्वे को वनडे सीरीज में 2013 में 5-0 से जबकि 2015 में 3-0 से सफाया कर चुका है। उस समय टीम की कमान क्रमश: विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के हाथ में थी।
नवोदित बल्लेबाज फैज फैजल के बल्ले से निकले विजयी चौके के साथ ही भारत ने 21.5 ओवर में ही 10 विकेट से जीत हासिल कर ली। भारत के लिए सीरीज में लोकेश राहुल ने नाबाद 63 रन बनाए तो फैज ने भी शानदार साथ दिया और 55 रन बनाकर अविजित लौटे। दोनों के बीच 126 रनों की साझेदारी भी हुई।
हरारे में हुए मैच में जिम्बाब्वे में टीम इंडिया की गेंदबाजों की नई फौज ने लगातार तीसरे वनडे मैच में भी कमाल की गेंदबाजी की और 50 ओवर से पहले ही पूरी टीम समेट दी। इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम 42.2 ओवर में 123 रन बनाकर आउट हो गई। एक समय टीम का स्कोर 4 विकेट पर 103 रन था लेकिन इसके बाद उसने 6 रन के अंदर 6 विकेट गंवा दिए और टीम बड़े स्कोर की ओर नहीं जा सकी। मेजबान टीम के लिए वुशी सिबांदा ने 38 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली।
भारत के लिए एक बार फिर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की और 22 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने पिछले मैच में 28 रन देकर 4 विकेट निकाले थे।