टीम इंडिया का वर्ल्ड कप में पिछले 23 सालों से दक्षिण अफ्रीका पर पहली जीत का इंतजार मेलबर्न में आखिरकार पूरा हो ही गया। भारत इससे पहले वर्ल्ड कप में इस अफ्रीकी टीम से सभी तीनों मैच हारा था।
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मेलबर्न में खेले गए वर्ल्ड कप के 13वें मैच में भारत से मिले 308 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 40.2 ओवर में 177 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरह से टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 130 रनों से करारी शिकस्त दी। भारत की ओर से आर अश्विन ने 3 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा को 2-2 सफलता मिली। पराजित टीम की ओर से फैफ डु प्लेसिस ने सर्वाधिक 55 रनों का योगदान दिया।
यह मैच रन आउट के लिए भी याद किया जाएगा। आज मैच में कुल 4 बल्लेबाज रन आउट हुए। दोनों टीमों से 2-2 बल्लेबाज रन आउट हुए।
इससे पहले शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 307 रन बनाए। अंजिक्य रहाणे 79 रन बनाकर आउट हुए।
भारत का तीसरा विकेट शिखर धवन के रूप में गिरा जो 137 रन (146 गेंद, 16 चौका और 2 छक्का) बनाकर आउट हुए। उन्होंने आउट होने से पहले विराट कोहली (46) के साथ 127 रनों की और रहाणे के साथ 125 रनों की शतकीय साझेदारियां की।
लगातार दूसरे मैच में धवन-कोहली की शतकीय साझेदारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला कप्तान धोनी के लिए सही साबित नहीं हुआ क्योंकि टीम इंडिया को पहला झटका तीसरे ही ओवर में लग गया जब रोहित शर्मा खाता भी नहीं खोल सके थे।
पिच को देखकर भारतीय कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला इसलिए लिया था कि रोहित इस बार कुछ कमाल कर सकते हैं लेकिन धोनी की योजना पर पानी डाल दिया। वह 6 गेंद पर खाता खोले बगैर ही आउट हो गए।
उनके जाने के बाद शिखर धवन का साथ देने विराट कोहली कीज पर आए। दोनों ने शुरुआती संकट से टीम को बाहर निकाला हालांकि इस बीच रन बनाने की स्पीड धीमी हो गई। भारत ने अपने पहले 50 रन 13.1 ओवर में बनाए। इस बीच धवन ने 70 गेंदों में वर्ल्ड कप में अपना लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा कर लिया। धवन ने पाकिस्तान के खिलाफ 73 रन बनाए थे।
धवन ने कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाते हुए दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी भी कर डाली। दोनों ने लगातार दूसरे मैच में शतकीय साझेदारी करने का कारनामा कर दिखाया और 127 रन जोड़ दिए।
धवन की तरह कोहली भी वर्ल्ड कप में अपने लगातार दूसरे अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन वह 28वें ओवर की पहली गेंद पर इमरान ताहिर की गेंद पर कैच आउट हो गए। वह 46 रन बनाकर आउट हुए।
SA के खिलाफ वर्ल्ड कप में किसी बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी
विराट कोहली (46) के आउट होने के समय टीम इंडिया शुरुआती संकट से उबर चुकी थी। कोहली के जाने के बाद शिखर धवन का साथ देने क्रीज पर अंजिक्य रहाणे आए। दोनों ने तेजी से खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया।
इस बीच धवन ने चौका लगाकर 122 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का सातवां शतक है। साथ ही धवन ने कोहली के बाद अंजिक्य रहाणे के साथ तीसरे विकेट के लिए भी शतकीय साझेदारी की। क्रीज पर जमने के बाद इन दोनों बल्लेबाजों ने अफ्रीकी टीम के तेज आक्रमण को अपना निशाना बनाया।
41वें ओवर में रहाणे ने अपने करियर का नौवां अर्धशतक (48वां वनडे मैच) पूरा किया। बललेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने 36.3 ओवर में 200 रनों के आंकड़े को पार कर लिया।
धवन ने शतक लगाने के बाद वनडे करियर की अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। यह पारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किसी भी टीम की ओर से खेली गई सबसे बड़ी पारी भी है। इससे पहले 2003 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग ने 134 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
भारतीय आक्रमण का सामना नहीं कर सके अफ्रीकी बल्लेबाज
टीम इंडिया से मिले 308 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर क्विंटन डी कॉक (7) मोहम्मद शमी की गेंद पर विराट कोहली के हाथों लपके गए।
शुरुआती झटके के बाद हाशिम अमला ने फैफ डु प्लेसिस (55) के साथ पारी को आगे बढ़ाया और टीम का स्कोर 10 ओवर में 38 रन तक ले गए। लेकिन इसके बाद अगले ओवर में मोहित शर्मा ने शॉर्टपिच गेंद फेंककर अमला को सीमा रेखा के पास शमी के हाथों कैच करा दिया। अमला का विकेट भारत के लिए काफी खास था क्योंकि वह जबर्दस्त फॉर्म में हैं और टीम इंडिया के खिलाफ कई बड़ी पारियां खेल चुके हैं। इससे पहले वह भारत के खिलाफ अपनी 12 पारियों में 7 बार अर्धशतकीय पारी खेल चुके हैं।
दोनों सलामी जोड़ी को 50 रन से पहले खोने के बाद क्रीज पर कप्तान एबी डीविलियर्स (30) और प्लेसिस की जोड़ी आ गई। तीसरे विकेट के लिए यह जोड़ी 68 रन जोड़ चुकी थी कि इस बीच रन चुराने के चक्कर में डीविलियर्स रन आउट हो गए।
इसके बाद टीम इंडिया के गेंदबाजों ने अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अश्विन ने एक के बाद एक करके 3 विकेट झटके, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी विकेट झटककर भारत की जीत की राह तय कर दी।
दक्षिण अफ्रीका का स्कोर एक समय 3 विकेट पर 133 रन था लेकिन 44 रनों के अंदर उसने सभी महज 41वें ओवर के अंदर 7 विकेट गंवा दिए। प्लेसिस ने एक छोर संभालते हुए 55 रनों की पारी खेली लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ।