टीम इंडिया त्रिकोणीय सीरीज के महत्वपूर्ण मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ मैच हार गई है। इस हार के साथ ही टीम इंडिया सीरीज से भी बाहर हो गई है।
वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के शर्मनाक प्रदर्शन जारी है। त्रिकोणीय सीरीज में अपने सभी मुकाबलों में टीम इंडिया जीत का खाता तक नहीं खोल पाई है।
फाइनल के लिए 1 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एक-दूसरे के आमने सामने होंगे। टीम इंडिया का त्रिकोणीय सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन खराब बल्लेबाजी है। पिछली हार के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सार्वजनिक रुप से माना था कि टीम के मध्यम क्रम के बल्लेबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने की जरुरत है।
लेकिन इसके बावजूद पर्थ वनडे में इंग्लिश गेंदबाजों के आगे टीम इंडिया का मध्य क्रम ताश के पत्ते की तरह ढह गया।
धवन और रहाणे की जोड़ी चली
त्रिकोणीय सीरीज के छठे मुकाबले में भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। शुरूआत में ही टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहला फायदा मिला। शुरू में गेंदबाजों को फायदा देने वाली पिच में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी के लिए टीम इंडिया को निंमत्रण दिया।
काफी समय से खराब प्रदर्शन के चलते निशाने में चल रहे शिखर धवन शुरूआत में काफी असहज दिखे। लेकिन रहाणे के साथ उन्होंने टीम को एक अच्छी शुरूआत दी। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 83 रनों की साझेदारी बनी।
इस दौरान दोनों ने मैदान के चारो ओर रन बरसाए। दोनों की बल्लेबाजी के आगे इंग्लिश गेंदबाज काफी परेशान नजर आ रहे थे। धवन ने चार चौको की मदद से 38 रन बनाए। 20वें ओवर में क्रिस वोक्स ने धवन को आउट कर टीम इंडिया को पहला झटका दिया।
इसके बाद तो विकेटों की झड़ी ही लग गई
धवन के आउट होने के बाद टीम इंडिया के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह झड़ गए। जब धवन आउट हुए, उस वक्त टीम का स्कोर 83 रन पर एक विकेट था।
धवन के बाद टीम के स्टार विराट कोहली ने मैदान में रहाणे के साथ खेलना शुरू किया। लेकिन पिछले मैचों की तरह इस मैच में भी कोहली (8) नहीं चल पाए। वह मोइन अली की फिरकी के शिकार बने। कोहली के बाद सुरेश रैना (1) भी आए और चलते बने।
फिर अंबाती रायडू ने कुछ देर रहाणे के साथ पारी को संभालने की कोशिश की। इस बीच रहाणे ने शानदार अर्धशतक जमाया। कुछ देर बाद स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर रायडू विकेट के पीछे कैच देकर अपना विकेट गंवा बैठे।
रायडू के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खेलने उतरे। इसी बीच एक अच्छी पारी खेल रहे रहाणे (73) स्टीवन फिन की गेंद पर गलत शॉट खेल बैठे और आउट हो गए।
रहाणे के आउट होने के वक्त टीम का स्कोर 136 रन था। क्रीज पर कप्तान धोनी के साथ स्टुअर्ट बिन्नी ने खेलना शुरू किया। लेकिन तेजी से रन बनाने के चक्कर में पहले बिन्नी और फिर कप्तान धोनी ने भी अपना विकेट गंवा दिया।
200 रनों पर सिमट गई टीम इंडिया
धोनी के तुरंत बाद ही रविंद्र जडेजा (5) भी जल्दी ही आउट हो गए। उसके बाद 165 के स्कोर पर अक्षर पटेल (1) के रुप में टीम का 9 वां विकेट गिरा। पटेल के आउट होने के बाद दसवें विकेट के लिए मोहित शर्मा और मोहम्मद शमी ने 35 रन जोड़े। टीम के 200 रन के स्कोर पर शमी स्टीपन फिन का शिकार बने।
इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा सफलता स्टीवन फिन को मिली। पिछली बार की तरह इस बार भी फिन का जादू चला। उन्होंने 3 विकेट लिए। उसके बाद स्टुअर्ड ब्रॉड, क्रिस वोक्स और मोइन अली को 2-2 विकेट मिले। जबकि जेम्स एंडरसन को एक सफलता मिली।
बटलर और टेलर की जोड़ी चमकी
भारत के 200 रनों का लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही। टीम इंडिया के गेंदबाजों के आगे इंग्लिश टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज काफी बेबस नजर आ रहे थे।
सबसे पहले मोहित शर्मा ने इयान बेल (10) को पगबाधा आउट कर चलता किया। उसके बाद अक्षर पटेल ने मोइन अली (17) को आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई।
फिर एक छोर से गेंदबाजी कर रहे टीम के ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने लगातार तीन विकेट लेकर इंग्लैंड टीम को चौंका दिया। सबसे पहले जोए रुट (3) फिर टीम के कप्तान इयोन मोर्गन (2) और रवि बोपारा (4) का विकेट लेकर भारत के लिए उम्मीद की किरण जगाई।
बोपारा के आउट होने के बाद जेम्स टेलर का साथ देने के लिए जोस बटलर क्रीज पर आए। उस वक्त इंग्लैंड का स्कोर 66 रन पर 5 विकेट था। दोनों ने सधी हुई बल्लेबाजी का परिचय देते हुए अपनी-अपनी फिफ्टी जमाई।
टेलर (70) और बटलर (55) के बीच शतकीय साझेदारी रही। 82 के निजी स्कोर पर टेलर मोहित शर्मा के शिकार बने। उसके बाद बटलर को मोहम्मद शमी ने आउट किया। उनके आउट होने के बाद क्रिस वोक्स और स्टुअर्ड ब्रॉड ने इंग्लैंड को जीत तक पहुंचाया। इंग्लैंड यह मैच 3 विकेट से जीता।