टीम इंडिया के पास इंग्लैंड की सरजमीं पर 5 मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने का नायाब मौका था, लेकिन जोई रूट के शानदार शतक और शीर्ष क्रम के भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी के कारण उसने यह मौका गंवा दिया।
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इंग्लैंड से मिले 295 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया 48.4 ओवर में 253 रन ही बनार आउट हो गई और उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा ने अंतिम ओवरों में आतिशी पारी खेलते हुए 87 रन (68 गेंद, 9 चौका, 2 छक्का) बनाए लेकिन उनकी पारी टीम को जीत के द्वार नहीं ले जा सकी। जडेजा से पहले अंबाती रायडु ने 52 रनों का योगदान दिया।
इससे पहले, जोई रूट की धमाकेदार शतकीय पारी के दम पर इंग्लैंड ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 294 रन बनाए। मेजबान टीम के लिए जोई रूट (113) ने सबसे बड़ी पारी खेली और शानदार शतक लगाया। साथ ही उन्होंने जोस बटलर (49) के साथ पांचवें विकेट 108 रनों की साझेदारी की जो इस सीरीज में इंग्लैंड की ओर से एकमात्र शतकीय साझेदारी रही।
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भारत की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 41 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, सुरेश रैना, आर अश्विन को एक-एक सफलता हासिल हुई। वहीं इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स ने 3 विकेट और जेम्स एंडररसन, स्टीवन फिन और मोइन अली ने दो-दो सफलता हासिल की।
महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने लगातार 3 मैच जीतकर वनडे सीरीज पर पहले ही कब्जा लिया था। लेकिन इंग्लैंड ने अंतिम वनडे मैच जीतकर सीरीज को 1-3 पर खत्म कराया। सीरीज का पहला वनडे बारिश के कारण रद कर दिया गया था। भारत के लिए यह जीत इसलिए खास रही क्योंकि उसने इंग्लैंड की सरजमीं पर 24 साल के बाद कोई वनडे सीरीज जीती है।
बेहद खराब रही भारत की शुरुआत
सीरीज में पहली बार मिली बड़ी चुनौती के आगे भारतीय बल्लेबाज लड़खड़ा गए। पिछले मैच में अजिंक्य रहाणे और शिखर धवन ने भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का भारतीय रिकॉर्ड बनाया था लेकिन इस बार यह साझेदारी फ्लॉप साबित हो गई।
भारतीय पारी की तीसरी ही गेंद पर तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने रहाणे को इयोन मोर्गन के हाथों कैच आउट करा दिया। इस समय भारत का खाता भी नहीं खुला था।
शुरुआती झटके के बाद धवन ने विराट कोहली (13) के साथ पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन साझेदारी बनाने के चक्कर में रन बनाने की गति बेहद धीमी हो गई। भारत 7 ओवर में सिर्फ 25 रन ही जोड़ पाया था, और इसी ओवर की अंतिम गेंद पर कोहली भी चलते बने।
हालांकि दूसरे छोर पर टिके धवन से टीम को बड़ी उम्मीदें थी लेकिन वह भी अपना विकेट गंवा बैठे। वह 31 रन बनाकर मोइन अली की गेंद पर बोल्ड हो गए। शीर्ष क्रम की नाकामी के कारण भारत लक्ष्य से दूर होता जा रहा थ। 14 ओवर में भारत का स्कोर 3 विकेट पर सिर्फ 49 रन ही हुए थे।
काम न आया अंबाती के बाद जडेजा का संघर्ष
50 रन से पहले अपने शीर्ष क्रम के 3 विकेट गंवाने के बाद संकट में दिख रही टीम इंडिया को फॉर्म में चल रहे सुरेश रैना (18) और अंबाती रायडु से काफी उम्मीदें थी और दोनों ने चौथे विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी कर टीम की मैच में वापसी की आस जगा दी लेकिन 22वें ओवर में मोइन अली ने रैना को अपना दूसरा शिकार बना लिया।
रैना के जाने के बाद अंबाती का साथ देने कप्तान धोनी क्रीज पर आए और दोनों ने तेजी से रन बनाने की कोशिश में जुट गए। इस बीच अंबाती ने 59 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। यह सीरीज में उनकी दूसरी फिफ्टी रही। हालांकि वह अर्धशतक लगाने के तुरंत बाद ही बेन स्टोक्स की गेंद पर कैच आउट हो गए।
अब क्रीज पर धोनी और रवींद्र जडेजा की जोड़ी थी लेकिन टीम के सामने 9 रन प्रति ओवर से ज्यादा का टारगेट था। लेकिन धोनी 29 रन बनाकर आउट हो गए। जडेजा ने अपना क्रीज संभाले जरूर रखा लेकिन दूसरे छोर पर आर अश्विन (16), भुवनेश्वर कुमार (1) और मोहम्मद शमी (0) के आउट हो जाने से भारत के हाथ से मैच जाता दिखा।
हालांकि अंतिम ओवरों में जडेजा ने गजब का साहस दिखाते हुए भारत की थोड़ी सी उम्मीद जगा दी थी लेकिन 49वें ओवर की चौथी गेंद पर स्टीवन फिन की गेंद पर बोल्ड होने के साथ ही भारत यह मैच 41 रन से हार गया। जडेजा ने अंतिम ओवरों में आतिशी पारी खेलते हुए 87 रन (68 गेंद, 9 चौका, 2 छक्का) बनाए।
उमेश यादव ने खराब की इंग्लैंड की शुरुआत
इससे पहले, टॉस जीतकर भारत का पहले बल्लेबाजी करने का फैसला तेज गेंदबाजों ने सही साबित किया और शुरुआती 25 ओवर में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बांधे रखा।
हालांकि इंग्लैंड के लिए कप्तान एलिस्टर कुक और एलेक्स हेल्स की सलामी जोड़ी ने सीरीज में पहली बार तेज शुरुआत करने की कोशिश की और 3 ओवर में 20 रन बना लिए। दोनों ही बल्लेबाज आज नए मूड में बल्लेबाजी करने उतरे थे लेकिन चौथे ओवर की चौथी गेंद पर उमेश यादव ने हेल्स (4) को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया। उमेश का सीरीज में यह पहला मैच है।
इसके बाद बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजे गए मोइन अली (9) 8 गेंदों में 2 चौके लगाकर अपनी बल्लेबाजी शुरू की लेकिन वह सातवें ओवर की अंतिम गेंद पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर उमेश यादव के हाथों लपके गए। मोइन ने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था।
रूट ने लगाया सीरीज में इंग्लैंड के लिए पहला शतक
महज 39 रनों पर 2 विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड के लिए कप्तान एलिस्टर कुक और जोई रुट के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी कर टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। लेकिन पार्टटाइम गेंदबाज सुरेश रैना ने लगातार चौथे मैच में अपनी सफलता का क्रम जारी रखते हुए कुक को धोनी के हाथों कैच आउट करा दिया।
फिर आउट ऑफ फॉर्म चल रहे इयोन मोर्गन 14 रन के निजी स्कोर पर आर अश्विन के हाथों स्टंप आउट हो गए। लेकिन इसके बाद जोई रुट ने जोस बटलर के साथ पांचवें विकेट के लिए अपनी टीम की खातिर 108 रनों की साझेदारी कर स्कोर दो सौ के पार पहुंचा दिया। हालांकि बटलर अपने अर्धशतक से महज एक रन दूर रह गए और 49 रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए।
दूसरे छोर पर लाजवाब बल्लेबाजी कर रहे रुट ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी जारी रखी और 45वें ओवर में जडेजा पर छक्का जड़कर शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का दूसरा शतक भी है। अगले ही ओवर में मोहम्मद शमी ने रूट को कैच आउट कराकर उनकी पारी का अंत किया। रूट ने 108 गेंदों में 10 चौके और 3 छक्के की मदद से 113 रन बनाए। रूट ने सीरीज में इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी पारी भी खेली।
भारत ने सीरीज के अंतिम मैच के लिए अपने टीम एकादश में एक बदलाव किया। तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी की जगह उमेश यादव को रखा गया है। उमेश को सीरीज में पहली बार टीम में शामिल गया था।
जबकि इंग्लैंड ने भी टीम में बदलाव किया। उन्होंने अपने पिछले एकादश में 2 परिवर्तन करते हुए गैरी बैलेंस और हैरी गुर्ने की जगह जेम्स ट्रेडवेल और बेन स्टोक्स को अंतिम एकादश में शामिल किया।