फातुल्लाह में चल रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया के पहले दिन के खेल समाप्त होने तक बिना कोई विकेट खोकर 239 रन बनाए। टीम के ओपनर्स शिखर धवन (नाबाद 150) और मुरली विजय (नाबाद 89) क्रीज पर जमे हुए हैं।
लाइव स्कोरकार्ड के लिए क्लिक करें।
पहले टेस्ट में भारत ने जोरदार शुरुआत की और पहले विकेट के लिए अविजित शतकीय साझेदारी कर डाली, लेकिन डेढ़ घंटे के बाद बारिश शुरू हो गई और खेल रोक देना पड़ा था।
बारिश के थमने के बाद मैच तीन बजे से फिर से शुरू हुआ। काफी देर तक मैच बाधित होने से टीम इंडिया का आज तीन सौ से ज्यादा का स्कोर करने की योजना पर पानी पड़ गया।
वनडे कप्तान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद पहली बार विराट कोहली की अगुआई में उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद शानदार रही।
धवन और मुरली दोनों ने बांग्ला गेंदबाजों को छकाया
इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाजों शिखर धवन (नाबाद 150) और मुरली विजय (नाबाद 89) ने सधी शुरुआत दी। दोनों बल्लेबाजों ने गेंदबाजों पर खूब कहर बरसाया। चौकों की बरसात करते हुए धवन ने मात्र 47 गेंदों में पहले फिफ्टी पूरी की। फिर ड्रिंक्स से पहले चौका लगाकर टेस्ट करियर का तीसरा शतक पूरा किया।
एक तरफ धवन बल्ले से तेजी से रन जुटाने में व्यस्त दिखे तो दूसरी तरफ मुरली की रन बनाने की चाल धीमी रही। मुरली ने भी 7 चौकों की मदद से 98 गेंदों में पहले फिफ्टी लगाई। फिर अपनी चाल में थोड़ा तेजी लाते हुए एक छक्का भी लगाया और मैच खत्म होने से पहले पहले धवन ने अपनी डेढ़ सेंचुरी पूरी की फिर मुरली ने अपना अर्धशतक। मुरली अपने शतक से अब 11 रन दूर हैं।
पहले दिन बांग्लादेशी गेंदबाज अपने होमग्राउंड में टीम इंडिया का विकेट लेने के लिए दिनभर काफी संघर्ष करते हुए दिखे। टीम के सभी गेंदबाजों ने अपनी किस्मत आजमाई, फिफ्टी लगाने के बाद धवन के एक कैच को लपकने का मौका मिला लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। धवन ने पहले दिन अपनी नाबाद पारी में 21 चौके लगाए जबकि मुरली ने 8 चौके और एक छक्का लगाया।
कप्तानी को लेकर उत्साहित हैं कोहली
बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के लिए पूर्णकालिक कप्तान के रूप में पहला टेस्ट होगा।
विराट ने अपने इस दायित्व को लेकर मंगलवार की मैच की पूर्व संध्या पर कहा, "ये मेरे लिए बेहद खास है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि 26 साल की उम्र में भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनूंगा। बचपन से मेरा सपना देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना था। साल दर साल मानसिक रूप से परिपक्व हुआ हूं।"
उन्होंने कहा, "बीसीसीआई और टीम के साथियों का आभारी हूं जो यह सोचते हैं कि इस दायित्व को संभालने के लिए मैं सही व्यक्ति हूं। मेरी एक सोच है जो मैंने साथी खिलाड़ियों के साथ साझा की है। पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान के रूप में शुरुआत को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। उम्मीद हैं कि हम सकारात्मक शुरुआत करने में सफल रहेंगे। अंतिम एकादश के बारे में भारतीय टेस्ट कप्तान ने संकेत दिया है कि टीम पांच गेंदबाजों और छह बल्लेबाजों के साथ उतरेगी।"
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि टीम को बीस विकेट लेने का मौका देना चाहिए। मैं इस बात का हिमायती हूं कि पांच गेंदबाज और छह बल्लेबाजों का कंबीनेशन हो। पांच सौ का स्कोर बनाने के लिए दो या तीन बल्लेबाजों का चलना पर्याप्त हो जाता है।