सरकार महंगी दालों की समस्या से निपटने के लिए कमर कसने लगी है। लगातार महंगी होती दालों की कीमतों पर काबू पाने के लिए अब वह इसका ज्यादा आयात कर सकती है। दालों की बढ़ती हुई कीमत और मांग के मुकाबले उत्पादन में कमी को देखते हुए सरकार यह कदम उठा रही है। बुधवार को कैबिनेट कमेटी की बैठक में दाल की बढ़ती कीमतों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में दाल की बढ़ती कीमत पर चर्चा की गई और इस पर चिंता जताई गई। गडकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाल के भाव को काबू में रखने के लिए काफी मात्रा में दाल आयात करने का निर्देश दिया है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक नेफेड व भारत सरकार ने राज्यों से पत्राचार में कहा है कि वे नेफेड से सीधे तौर पर दालों की खरीद कर सकते हैं। अभी तक सिर्फ तमिलनाडु द्वारा 232 टन तुअर की मांग की गई है और अन्य राज्यों की तरफ से दाल की कोई मांग नहीं की गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सरकार दलहन का पर्याप्त आयात भी कर रही है।