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मेलबर्न वनडेः ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4 विकेट से हराया

Sun, 18 Jan 2015 07:38 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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त्रिकोणीय वनडे सीरीज के अपने पहले मैच में ही भारत को मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न वनडे में 4 विकेट से हरा दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टॉस जीतकर भारत का पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय गलत साबित हुआ।
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टीम इंडिया के 268 रनों के लक्ष्य पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 6 गेंद रहते ही लक्ष्य को पूरा कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेड हैडिन (13) और जेम्स फॅकनर (9) नॉट आउट रहे। ऑस्ट्रेलिया ने अपना आखिरी और छठा विकेट ग्लेन मैक्सवेल (20) के रूप में गंवाया।

भारत की ओर से तेज गेंदबाज उमेश यादव 2 विकेट लिए। बाकी भुवनेश्ववर कुमार, मोहम्मद शमी, अक्ष्ार पटेल और आर अश्विन को एक-एक सफलता मिली। ऑस्ट्रेलिया के ओपनर ऐरोन फिंच (96) थोड़े अनलकी रहे जो सिर्फ 4 रन से अपने शतक से चूक गए। फिंच के साथ 101 रनों की साझेदारी करने वाले स्टीवन स्मिथ (47) को मोहम्मद शमी ने आउट कराया।
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इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। टीम के दूसरे ओपनर रोहित शर्मा की शतकीय पारी के दम पर भारत 50 ओवर में 8 विकेट पर 267 रन बनाने में सफल रहा। मेलबर्न में भारत का यह दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली बार 209 रनों की पारी खेलने वाले रोहित ने रविवार को 138 रनों (9 चौके और 4 छक्का) की पारी खेली। चौथे विकेट के लिए उन्होंने सुरेश रैना (51) के साथ शतकीय साझेदारी की। भारत के मध्य क्रम को तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क ने तहस-नहस कर दिया। उन्होंने महज 43 रन देकर 6 विकेट झटके।

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वनडे क्रिकेट की कप्तानी करने उतरे महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में फिरकी गेंदबाज अक्षर पटेल को शामिल किया। जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय मूल के तेज गेंदबाज गुरिंदर संधू को अपनी अंतिम एकादश में रखा।

ऑस्ट्रेलियाई टीम में भारतीय मूल का खिलाड़ी

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय मूल के क्रिकेटर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलने का मौका मिला है। तेज गेंदबाज गुरिंदर संधू को रविवार के मैच के लिए ऑस्ट्रेलियाई एकादश में रखा गया है। वह वनडे मैच खेलने वाले ऑस्ट्रेलिया के 206वें नंबर के खिलाड़ी हैं।

संधू को वर्ल्ड कप से पहले परखने का यही मौका था और कप्‍तान जॉर्ज बैली ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन दिखाने वाले इस भारतीय मूल के तेज गेंदबाज पर भरोसा जताया और ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल कर लिया।

संधू ने शुरुआत भी अच्छी की और उन्होंने अपना पहला ओवर भारतीय पारी के छठे ओवर में डाला। उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय गेंद का सामना रोहित शर्मा ने किया और पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना। रोहित तीसरी गेंद पर एक रन लेने में कामयाब रहे। अंतिम 3 गेंदों पर भी संधू ने और कोई रन नहीं दिया। इस तरह से अपने पहले ओवर में उन्होंने महज एक रन ही दिया।

इसके बाद अपने दूसरे ओवर में सफलता भी हासिल कर ली। भारतीय पारी के 8वें ओवर की दूसरी गेंद पर अजिंक्य रहाणे (12) को विकेट के पीछे कैच आउट कराया। रहाणे बाउंस लेती गेंद से छेड़खानी कर बैठे और बल्‍ले का ऊपरी किनारा लेते हुए विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के दस्तानों में समा गई। संधू को पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट महज उनकी आठवीं गेंद पर ही मिल गया।

टीम इंडिया की शुरुआत रही बहुत खराब

टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करने का फैसला भारत को रास नहीं आया और उसने अपना पहला विकेट शुरुआती ओवर की पांचवीं गेंद पर गिर गया। शिखर धवन (2) मिचेल स्टॉर्क की गेंद पर कैच आउट हो गए।

शुरुआती झटके के बाद भारत को दूसरा झटका अजिंक्य रहाणे (12) के रूप में लगा जो 33 रन के स्कोर पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे गुरिंदर संधू की गेंद पर कैच आउट हो गए। रहाणे ने आउट होने से पहले रोहित शर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 33 रनों की साझेदारी की थी।

विराट कोहली क्रीज पर जमे रोहित शर्मा का सा‌थ देने मैदान पर आए और दोनों अभी टीम के लिए 26 रन ही जोड़ पाए थे कि कोहली जेम्स फाकनर की गेंद पर खराब शॉट खेलकर कैच आउट हो गए। उन्होंने 9 रन बनाए जो पिछली 8 वनडे पारियों में सबसे छोटा स्कोर है।

महज 13 ओवर में 59 रन पर शीर्ष क्रम के 3 बल्‍लेबाजों को खोने के बाद ऐसा लगने लगा ‌था कि टीम इंडिया सस्ते में निपट जाएगी। तेज गेंदबाजों की बाउंस लेती गेंद को खेलने की कमजोरी भारतीय बल्लेबाजों में दिखने लगी।

क्रीज पर टेस्ट सीरीज में 2 नाकाम बल्लेबाज रोहित शर्मा और सुरेश रैना की जोड़ी आ चुकी थी।

स्टॉर्क के 6 विकेट बने टीम इंडिया के लिए ‌संकट

तिहरे झटकों के बाद संकट से जूझ रही टीम इंडिया के लिए मैदान पर रोहित शर्मा और सुरेश रैना की नई जोड़ी खेल रही थी। दोनों पर टेस्ट क्रिकेट की नाकामी को धोने का खासा दबाव था। दोनों बल्‍लेबाजों ने आराम से खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाया। 23वें ओवर में रोहित ने छक्का मारकर अपना अर्धशतक पूरा किया।

वहीं रैना ने रोहित का अच्छा साथ दिया और शॉर्ट पिच गेंदों का बखूबी सामना करते हुए स्कोरबोर्ड को चलायमान रखा। टीम ने 30वें ओवर में डेढ़ सौ रन पूरे कर लिए। टीम को डेढ़ सौ के पार पहुंचाने के बाद इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर डाली। इसके बाद रैना ने 61 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांक‌ि अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद रैना आउट स्टॉर्क के दूसरे ‌शिकार बने।

भारत ने 35वें में अपना पावरप्ले लिया और जमे जमाए बल्‍लेबाज रैना का विकेट खो दिया। रैना के जाने के बाद क्रीज पर रोहित का साथ देने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए। रोहित ने अपने 109वें गेंद पर शतक पूरा कर लिया। उनके करियर का यह छठा शतक है। हालांकि इसके बाद दूसरे छोर से विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया।

स्टॉर्क की कहर बरपाती गेंद के आगे अन्य बल्‍लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए। स्टॉर्क की गेंद पर कप्‍तान धोनी (19), अक्षर पटेल (0), भुवनेश्वर कुमार (0) सस्ते में आउट हो गए।
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फाकनर ने खेला विनिंग शॉट

वनडे क्रिकेट के लिहाज से 268 रनों का लक्ष्य बहुत मुश्किल नहीं था और ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्‍लेबाजों डेविड वॉर्नर और ऐरोन फिंच ने जिस अंदाज से पारी की शुरुआत की उससे यह लक्ष्य आसान लगने लगा था।

दोनों बल्‍लेबाजों ने शुरुआती पावरप्ले का फायदा उठाते हुए तेजी से रन बनाए। इस जोड़ी ने 9 ओवर में टीम के लिए 51 रन जोड़ लिए। लेकिन 10वें ओवर की प‌हली गेंद पर तेज गेंदबाज उमेश यादव ने विस्फोटक बल्‍लेबाज वॉर्नर को कैच आउट कराकर भारत को पहली सफलता दिला दी। वॉर्नर ने 22 गेंदों में 3 चौके की मदद से 24 रन बनाए।

इसके बाद फिंच का साथ देने क्रीज पर शेन वॉटसन आए और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़ते हुए टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया। फॉर्म में दिख रहे वॉटसन को 23वें ओवर में फिरकी गेंदबाज अक्षर पटेल ने बोल्ड कर उनकी पारी का खात्मा कर दिया। फिंच ने नए बल्‍लेबाज स्टीवन स्मिथ के साथ पारी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ हुए अपने करियर का छठा अर्धशतक भी जड़ ‌दिया।

फिंच ने स्टीवन ‌स्मि‌थ के साथ तीसरे विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी कर टीम को दो सौ के पार पहुंचा दिया। इस जोड़ी को मोहम्मद शमी ने तोड़ा। उन्होंने आर अश्विन के हाथों स्मिथ को कैच आउट कराया। ‌स्मिथ 47 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद फिंच भी अगले ओवर में आउट हो गए। उमेश यादव ने उन्हें 96 रन के निजी स्कोर पर विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच आउट कराया। वह अपने शतक से महज 4 रन से चूक गए।

इसके बाद कप्‍तान जॉर्ज बैली (5) ज्यादा नहीं टिके। आर अश्विन की गेंद पर धोनी ने विकेट के पीछे उनका कैच लपका। बैली के बाद क्रीज पर ग्लैन मैक्सवेल का साथ निभाने विकेटकीपर ब्रेड हैडिन आए।

47 ओवर पर कप्तान धोनी ने गेंद की जिम्मेदारी शमी को दी। लेकिन एक गेंद के बाद ही पैर में खिंचाव आ जाने से उन्हें ड्रेसिंग रुम जाना पड़ा। उनके जगह पर भुवनेश्वर कुमार ने बॉलिंग की जिम्मेदारी संभाली।

कुमार ने पहली गेंद पर ही मैक्सवेल (20) को चलता किया। उसके बाद हैडिन के साथ जेम्स फाकनर क्रीज पर उनका साथ निभाने पहुंचे। कुछ देर के लिए मैच काफी रोंमाचकारी मोड़ पर आ गया था। लेकिन 49 वें ओवर की आखिरी गेंद पर फाकनर ने विनिंग चौका मारकर जीत अपनी टीम की झोली में डाल दी।
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