वर्ल्ड कप के 38वें मैच में बारिश के कारण डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर इंग्लैंड को 25 ओवरों में 101 रन का टारगेट मिला जिसे उसने 41 गेंद रहते 18.1 ओवरों में एक विकेट के नुकसान पर आसानी से प्राप्त कर लिया। वहीं, दूसरी ओर अफगानिस्तान ने 36.2 ओवरों में 7 विकेट पर 111 रन बनाए थे।
डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर 25 ओवरों में मिले 101 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की शुरूआत वर्ल्ड कप के पिछले सभी मैचों की तुलना में बेहतर हुई। टीम के दोनो ओपनरों ने इंग्लैंड को शानदार शुरूआत दी और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की।
हालांकि शुरूआत में इंग्लैंड टीम के ओपनर इयान बेल को जीवनदान भी मिला। जिसका फायदा उठाकर उन्होंने फिफ्टी पूरी की। 83 के स्कोर पर इंग्लैंड ने अपना पहला और आखिरी विकेट एलक्स हेल्स (37) के रूप में गंवाया। क्रीज पर बेल (52) और जेम्स टेलर (8) नाबाद रहे।
इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड ने अफगानिस्तान को पहले बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगान टीम की शुरूआत बेहद खराब रही। तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने नवरोज मंगल (4) को आउट कर अफगान टीम को पहला झटका दिया।
पहले झटके से अफगानिस्तान ढंग से संभला भी नहीं था कि अगले ही ओवर टीम ने एक और विकेट गंवा दिया। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने टीम को दूसरी सफलता दिलाते हुए जावेद अहमदी (7) का विकेट झटका।
9वें ओवर में बारिश के चलते 37 मिनट तक मैच बाधित रहा। बारिश रूकने के बाद मैच दोबारा शुरू हुआ। मैच शुरू होते ही एक बार फिर इंग्लैंड टीम के गेंदबाज अफगान बल्लेबाजों पर हावी हो गए। 12वें ओवर में इंग्लिश गेंदबाज क्रिस जोर्डन ने अफगान टीम को तीसरा झटका दिया।
16वें ओवर में जोर्डन ने एक और विकेट झटककर अफगान टीम को चौथा झटका दिया। 25 ओवर के बाद एक बार फिर बारिश के चलते मैच कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। दोबारा मैच शुरू होने के बाद अंपायर ने ओवरों की संख्या घटाकर 45 ओवर कर दी। 26 वें ओवर में ही रवि बोपारा ने अफगान टीम को पांचवा झटका दिया।
इंग्लैंड को छठी सफलता रवि बोपारा ने और सातवीं सफलता जेम्स ट्रेडवैल ने दिलाई। मैच 36.2 ओवर तक ही चल पाया कि तीसरी बार बारिश के कारण फिर मैच रोकना पड़ा। करीब सवा दो घंटा मैच रूका। इस दौरान कई बार अंपायरों ने मैदान का जायजा लिया और सर्वसम्मति से डकवर्थ-लुइस के चलते इंग्लैंड को 25 ओवरों में 101 रनों का टारगेट दे दिया गया।