त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के 279 रनों के आगे इंग्लैंड की पूरी टीम 166 रनों पर आउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड पर 112 रनों से बड़ी जीत दर्ज की।
मैच के हीरो ग्लेन मैक्सवैल रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 95 रन बनाए और गेंदबाजी में भी अपनी जौहर दिखाया। मैक्सवैल ने इंग्लैंड के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पहले बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया। शुरू में गेंदबाजों को फायदा देने वाली पर्थ की इस पिच में ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत अच्छी नहीं रही।
पहले ही ओवर में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज एरोन फिंच बिना कोई खाता खोले आउट हो गए। फिंच को जेम्स एंडरसन ने आउट किया। उसके बाद टीम के 33 रन के स्कोर पर डेविड वॉर्नर भी चलते बने। वॉर्नर भी एंडरसन के ही शिकार बने।
मैक्सवैल और मार्श की जोड़ी से संभला ऑस्ट्रेलिया
उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के नए हीरो स्टीवन स्मिथ (40) ने टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन मोइन अली की गेंद पर वह स्टिपिंग हुए। इससे पहले टीम के कप्तान जॉर्ज बैली (2) भी ज्यादा देर मैदान पर नहीं टिके।
हालांकि इनके बाद क्रीज पर आई ग्लेन मैक्सवैल और मिशेल मार्श की जोड़ी ने कमाल का खेल दिखाया। दोनों के बीच 141 रनों की साझेदारी हुई। इस बीच मैक्सवैल ने वनडे में 1000 रन भी पूरे किए। जब टीम का स्कोर 201 पहुंचा, मैक्सवैल (95) एक गलत शॉट के चलते गेंदबाज स्टुअर्ड ब्रॉड के शिकार बने। वह शतक से महज 5 रन से चूक गए।
उसके कुछ ही देर बाद मार्श (60) भी रन आउट हो गए। मार्श के आउट होने के बाद क्रीज पर ब्रेड हैडिन और जेम्स फॉकनर की जोड़ी ने पारी को संभालने की कोशिश्ा की। लेकिन 9 रन के निजी स्कोर पर हैडिन ब्रॉड की गेंद पर फिल्डर को कैच थमा बैठे।
लेकिन एक छोर से फॉकनर की आतिशी पारी जारी रही। फॉकनर ने मात्र 34 गेंदों में 4 चौको और 4 छक्कों की मदद से शानदार अर्धशतक जमाया। ऑस्ट्रेलिया का आखिरी विकेट मिशेल जॉनसन (3) के रुप में स्टीवन फिन ने लिया।
ताश के पत्ते की तरह बिखर गई इंग्लैंड की टीम
ऑस्ट्रेलिया की तरह इंग्लैंड की भी शुरूआत अच्छी नहीं रही। चौथे ओवर में जोस हेजलवुड ने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज इयान बेल (8) को आउट कर पहली सफलता हासिल की। उनके आउट होने के बाद क्रीज पर रोस टेलर खेलने पहुंचे।
टीम इंडिया के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन करने वाले टेलर (4) इस मैच में कमाल नहीं कर पाए। कंगारू गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने अपनी टीम को लगातार दो सफलता दिलाई। पहले टेलर को आउट कर पवेलियन भेजा। फिर अगली ही गेंद पर इंग्लिश कप्तान इयोन मोर्गन (0) को आउट कर इंग्लैड की कमर तोड़ दी। कुछ देर बाद जोए रुट (25) को जेम्स फॉकनर ने पगबाधा आउट किया।
हालांकि उसके बाद खेलने उतरे रवि बोपारा (33) ने पारी को एक छोर से संभालने की कोशिश की। लेकिन दूसरे छोर पर विकेट ताश के पत्ते की तरह गिरते रहे।
ग्लेन मैक्सवैल ने शानदार बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी अपना जौहर दिखाया। इंग्लिश बल्लेबाजों जोस बटलर (17), क्रिस वोक्स (0) और स्टुअर्ड ब्रॉड (24) को आउट कर उन्होंने अपनी टीम को जीत के बेहद करीब कर दिया।
कुछ देर बाद मैक्सवैल ने बोपारा का विकेट लेकर इंग्लैंड की बची उम्मीद भी तोड़ दी। आखिर में जोस हेजलवुड ने स्टीवन फिन (4) को बोल्ड कर त्रिकोणीय सीरीज अपनी टीम के नाम कर दी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैक्सवैल ने 4 के साथ सर्वोधिक सर्वाधिक लिए। दूसरे नंबर पर जॉनसन ने तीन विकेट झटके। वहीं हेजलवुड को 2 और फॉकनर को एक सफलता मिली।
आपको बता दें कि त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले से टीम इंडिया पहले ही बाहर हो चुकी है। खिलाड़ियों की खराब बल्लेबाजी के चलते टीम इंडिया सीरीज में एक भी मैच नहीं जीत पाई। सीरीज में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ दोनों मैच गंवाए। जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में हार मिली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।