गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद चेतेश्वर पुजारा के शानदार शतक और विराट कोहली के अर्द्धशतक की मदद से भारत ने पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका पर शिकंजा कस लिया है।
पहली पारी में 36 रन की अहम बढ़त लेने के बाद भारत ने मैच के तीसरे दिन खेल खत्म होने तक दो विकेट पर 284 रन बना लिए थे और उसकी बढ़त 320 रन की हो चुकी थी।
चेतेश्वर पुजारा 135 और विराट कोहली 77 रन बनाकर खेल रहे थे। दोनों तीसरे विकेट के लिए लगभग पांच रन प्रति ओवर की औसत से 191 रन जोड़ चुके थे।
पुजारा और कोहली की साझेदारी को तोड़ने के लिए कप्तान ए बी डीविलियर्स ने अपने सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया लेकिन सबके सब असहाय नजर आए।
यहां तक की डीविलियर्स ने खुद विकेटकीपिंग पैड खोलकर गेंदबाजी थामी लेकिन वह भी इन दोनों दिग्गजों को डिगा नहीं सके। हालांकि दूसरी पारी में भी शुरुआत एक बार फिर खराब रही थी और ओपनर शिखर धवन मात्र 15 रन बनाकर आउट हो गए।
पुजारा ने यहीं से मोरचा संभाला और मुरली विजय के साथ दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी निभाकर टीम को इस झटके से उबार लिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया।
पुजारा को हालांकि 51 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर एक जीवनदान भी मिला था। इससे पहले तेज गेंदबाजों जहीर खान और इशांत शर्मा ने चार-चार विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 244 रन पर ढेर कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका ने सुबह छह विकेट पर 213 रन से आगे अपनी पारी को बढ़ाया लेकिन लंच से पहले 75.3 ओवर में उसकी पूरी टीम सिमट गई। जहीर ने दिन के चौथे ओवर में ही दूसरे दिन के नाबाद बल्लेबाज वर्नोन फिलेंडर को 59 रन पर आउट कर दिया।
फिलेंडर ने फाफ डू प्लेसिस के साथ सातवें विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी निभाई। डू प्लेसिस भी जहीर की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी को कैच थमाकर चलते बने जबकि डेल स्टेन को इशांत शर्मा ने अपना शिकार बनाया।
जहीर फिर मोर्ने मोर्कल को बोल्ड कर दक्षिण अफ्रीकी पारी का अंत कर दिया। दक्षिण अफ्रीकी टीम सुबह 9.3 ओवर में मात्र 31 रन ही और जोड़ सकी।