अमर उजाला और लीजेंड्स लीग क्रिकेट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टेनिस बॉल की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग एलएलसी टेन10 का आयोजन करने जा रहे हैं। इस लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। यह लीग उन युवा खिलाड़ियों के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आई है जो क्रिकेटर बनने का सपना देख रहे हैं। खासतौर पर लोकल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर चमकने का मौका देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह लीग हर मोहल्ले और कस्बों के क्रिकेट सितारों को बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।
इसमें टेनिस बॉल क्रिकेट के प्रसिद्ध खिलाड़ी प्रदीप पाटिल को एलएलसीटेन10 की जीएल बजाज सुपर चैलेंजर्स आगरा ने चुना है। प्रदीप उन चुनिंदा मार्की खिलाड़ियों में शामिल हैं जो टेनिस बॉल क्रिकेट में अपना दम दिखा चुके हैं। प्रदीप पाटिल से अमर उजाला डॉट कॉम ने विशेष बातचीत की, पेश हैं इसके प्रमुख अंश...
सवाल: अगर आप अपने करियर में पीछे मुड़कर देखें तो आप अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानते हैं?
प्रदीप पाटिल: स्कूल में जब मैं पांचवीं-छठी कक्षा में था तो मेरे पिता जी आर्मी में स्पोर्ट्स पर्सन थे। मेरा पिता जी क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलते थे आर्मी में। मैं उनको देखने जाता था, उनके मुकाबले देखता था। मेरे को भी लगा कि मुझे स्पोर्ट्स में ही कुछ करना है। फिर मैंने क्रिकेट में ध्यान देना चालू किया। पापा के साथ खेलने लगा। तब से मुझे लगा कि क्रिकेट में ज्यादा ध्यान दूंगा। फिर मैं स्कूल की तरफ से खेलने लग गया उसी समय से। मैं अंडर-14 खेला, अंडर-16 खेला और अंडर-19 खेला 12वीं कक्षा तक जाते जाते। फिर मैंने लेदर बॉल से खेलने का मन बनाया था, लेकिन कोई मौका नहीं मिला गुजरात से। फिर मैंने टेनिस बॉल पर ध्यान देना शुरू किया और इसमें मेरा काफी नाम हुआ। सूरत से कुछ लोग थे, जिन्होंने मुझे टेनिस बॉल क्रिकेट के लिए काफी प्रेरित किया। इनमें मेरा भाई भी है। अंकित पटेल हैं, जिन्होंने मुझे बाहर क्रिकेट खिलाया।
सवाल - अगर टेनिस बॉल क्रिकेट के आंकड़ों में आपकी बात की जाए तो वो क्या होंगे, क्या आपको खास बनाता है?
प्रदीप पाटिल: एक तो मेरा 'नो लुक शॉट' है। वह मैं हर एक टूर्नामेंट में कोशिश करता हूं लगाने का। दूसरा मेरी एक टेनिस टूर्नामेंट की पारी है। वह मेरे लिए हमेशा याद रखने वाली पारी है। यह पारी टूर्नामेंट के फाइनल में आई थी। उस पारी के बाद हर टूर्नामेंट से मुझे कॉल आने लगा। उस पल को मैं नहीं भूल सकता। फाइनल मैच था और हम पहले बल्लेबाजी कर रहे थे। हमारी टीम के दो तीन विकेट गिर चुके थे। उस मैदान पर टूर्नामेंट में 70 रन विनिंग स्कोर था, लेकिन आखिरी के कुछ दिनों में 90 रन भी वहां सुरक्षित स्कोर नहीं था। हमारा स्कोर तीन ओवर में 15-17 रन पर तीन विकेट था। पर मैंने 10 ओवर बल्लेबाजी की और 76 रन बनाए। टीम को 88-90 के स्कोर तक पहुंचाया था। उस टूर्नामेंट में उस मैच में मेरा पहला नो लुक शॉट फेमस हुआ था। मैं वहीं से चर्चा में आया। उस फाइनल को देखने के लिए पूरा स्टेडियम भरा था।
सवाल - क्या अब तक के करियर से आप संतुष्ट हैं या आपको लाइफ मैं और भी चीजें अचीव करनी हैं?
प्रदीप पाटिल: अभी तो मेरा मैं समझ रहा हूं कि मेरा स्टार्टिंग हुआ है। मैंने अपने करियर का 30 प्रतिशत अचीव किया और मैं 100 प्रतिशत तक इसे पूरा करना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि इसमें और नाम कमाऊं।
सवाल - भविष्य के लिए आपके क्या लक्ष्य हैं, अपने खेल के किन क्षेत्रों में आप अपना ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं?
प्रदीप पाटिल: मैं चाहता हूं कि मैं नो लुक शॉट खेलता रहूं। मैंने जो फाइनल में इनिंग्स खेली थीं, मैं चाहता हूं कि हर टूर्नामेंट हर मैच में वैसी पारी खेलूं। अपनी टीम के लिए वैसा परफॉर्म करता रहूं।
सवाल: क्रिकेट में आपके आइडियल कौन हैं?
प्रदीप पाटिल: मेरे आइडियल जैसे के टेनिस क्रिकेट में तो हमारे यहां से हैं एक अच्छू बावा करके हैं। उन्होंने मतलब मेरे को क्रिकेट खेलते देखा और मुझे बाहर टूर्नामेंट के लिए ले जाना उन्होंने ही स्टार्ट किया। फिर एक कृष्णा सतपुते सर करके हैैं जो टेनिस क्रिकेट खेलते भी हैं, ये मेरे आदर्श हैं।
सवाल - अमर उजाला और एलएलसी मिलकर टेनिस बॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रहे हैं। इस एलएलसीटेन10 लीग का युवा क्रिकेटरों को क्यों हिस्सा बनना चाहिए। इस तरह के टूर्नामेंट खिलाड़ियों के करियर में कितने महत्वपूर्ण होते हैं?
प्रदीप पाटिल: टेनिस क्रिकेट जो है वह काफी ऊपर लेवल पर आ चुका है। अब युवाओं को सीधे तौर पर मौका मिल रहा है, जो पहले संघर्ष करने के बाद मिल रहा था। मैं तो चाहता हूं कि ऐसे ही और बड़े बड़े टूर्नामेंट्स होते रहें और नई जनरेशन के जो लड़के हैं, उनको ऐसे ही अच्छे से अच्छा प्लेटफॉर्म मिलता रहे। अगर वह ऐसे टूर्नामेंट खेलते रहेंगे तो बहुत जल्दी अपना टेनिस क्रिकेट का भारतीय टीम बनने का भी चांस हो सकता है। जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर लेदर बॉल की तरह एक इवेंट हो जाएगा टेनिस क्रिकेट। इस तरह के टूर्नामेंट्स से ये होगा कि जिस तरह से लेदर बॉल का क्रेज है, वैसे ही टेनिस बॉल का प्लेटफॉर्म बन जाएगा भारत में।