मकोका लगाने के बावजूद स्पॉट फिक्सिंग के आरोपी क्रिकेटर व बुकीज को जमानत मिलना दिल्ली पुलिस के लिए झटका माना जा रहा है।
हालांकि दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने कहा इससे पुलिस तफ्तीश पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
साकेत कोर्ट में सोमवार शाम स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार क्रिकेटर और बुकीज को जमानत दे दी गई। जमानत मिलने के बाद अमर उजाला संवाददाता को पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने कहा कि अभी कोर्ट ने आरोपियों को जमानत दी है।
ऑर्डर आने के बाद दिल्ली पुलिस बारीकी से अध्ययन करेगी। इसके बाद कानूनी विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद उसी तरीके से आगे की तफ्तीश की जाएगी।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि ये दिल्ली पुलिस के लिए कोई झटका नहीं है। साकेत कोर्ट ने आरोपियों पर 420 और 120 बी लगाने पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में नीरज कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस के पास पर्याप्त सबूत और साक्ष्य हैं।
चार्जशीट दाखिल करने तक दिल्ली पुलिस को और साक्ष्य मिल जाएंगे। आरोपियों को जमानत मिलने की खबर जैसे ही दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल कार्यालय पहुंची तो कार्यालय में सन्नाटा पसर गया।
भारत से दुबई होकर पाकिस्तान जाती थीं कॉल्स
स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस के तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि स्पॉट फिक्सिंग का रूट भारत, दुबई और पाकिस्तान है।
भारत में मौजूद बुकीज दुबई में बैठे दाऊद के गुर्गे डॉ. जावेद चाटवानी को फोन करते थे और जावेद पाकिस्तान में बैठे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को कॉल करता था।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने बुकीज व अंडरवर्ल्ड डॉन की जो कॉल्स इंटरसेप्ट की हैं उससे ये खुलासा हुआ है कि दाऊद कराची में है।
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार डॉ. जावेद दुबई में, दाऊद कराची और अश्विनी कुमार उर्फ टिंकू मंडी दिल्ली में था। दिल्ली पुलिस ने अप्रैल में एक कॉल को इंटरसेप्ट किया था।
इस कॉल में दाऊद और डॉ. जावेद बात कर रहे हैं। इस कॉल में किसी मिनिस्टर साहब का नाम आता है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये किसी के नाम का कोडवर्ड हो सकता है।