चैंपियंस ट्रॉफी के साथ पाकिस्तानी टीम
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के 180 रन से मात देकर खिताब जीतने वाली पाकिस्तानी टीम पर पुरस्कारों और ईनाम की बारिश हुई थी। इस क्रम में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सरकार की तरफ से पाक टीम के 15 सदस्यों को 1 करोड़ और 13 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ को 50 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री नवाज की इस घोषणा के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है। 21 जून को दायर याचिका में कहा गया है कि खिलाड़ियों को उनके काम के लिए मंथली सैलरी दी जाती है। ऐसे में खिलाड़ियों को ईनाम देना सरकारी पैसे का दुरुपयोग है।
पाकिस्तानी अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस आमेर फारुक ने डिप्टी अटार्नी जनरल(डीएजी) को आदेश दिया कि वो कोर्ट को उस कानून के बारे में बताए जो प्रधानमंत्री को नकद पुरस्कार घोषित करने की ताकत देता है। अब डीएजी कोर्ट को उस कैश प्राइज के बारे में बताएंगे खासकर आपदा के समय। वह कोर्ट को यह भी बताएंगे कि कैश प्राइज की उच्चतम सीमा क्या है। याचिका दायर करने वाले एक वकील के मुताबिक जीत के लिए सरकार टीम और सपोर्ट स्टाफ को कुल 21.5 करोड़ रुपये बतौर ईनाम दे रही है।
याचिकाकर्ता ने अहमदपूर्व इस्ट के भावलपुर टैंकर विस्फोट हादसे का हवाला देते हुए कहा, इस घटना में 200 लोग मारे गए थे। घटनास्थल के आसपास ऐसा कोई अस्पताल नहीं था जहां बर्न यूनिट हो। जब पीएम से इस एरिया के अस्पताल में बर्न यूनिट की स्थापना की मांग की गई तो पीएम ने यह कहकर मांग को नकार दिया था कि इसके लिए सरकारी खजाने पर बहुत बोझ पड़ेगा। यह काम बेदद खर्चीला है।