आईपीएल के जनक ललित मोदी बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन के साथ रिलेशन को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी है कि वो सुष्मिता के साथ रिलेशन में हैं और जल्द ही शादी भी करेंगे। ललित मोदी ने पहला ट्वीट शाम सात बजकर 44 मिनट पर किया था, जिसमें उन्होंने सुष्मिता सेन को अपनी 'बेटरहाफ' बताया था। इसके 42 मिनट बाद उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा, ''साफ करना चाहता हूं कि अभी शादी नहीं हुई, सिर्फ एकदूसरे को डेट कर रहे हैं। एक दिन शादी भी करेंगे।''
आईपीएल के जनक ललित मोदी का विवादों से पुराना नाता रहा है। आईपीएल की वजह से ही फर्श से अर्श पर पहुंचे, लेकिन कई गड़बड़ियों की वजह से ईडी ने उनके ऊपर कार्रवाई की। इस दौरान वो विदेश गए और वहां से वापस ही नहीं आए।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से शुरू हुआ सफर
ललित मोदी 1999 में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिशन में शामिल हुए थे। उन्होंने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और उन्हें अगले ही साल निलंबित कर दिया गया। इसके बाद वसुंधरा राजे की मदद से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। उनके अध्यक्ष चुने जाने पर काफी विवाद हुआ था, लेकिन मोदी इस पद पर बने रहे। 2005 में मोदी की मदद से शरद पवार बीसीसीआई अध्यक्ष चुने गए और सबसे कम उम्र में बीसीसीआई उपाध्यक्ष का पद संभालने वाले व्यक्ति बने।
आईपीएल से चमके मोदी
साल 2007 में आईपीएल का एलान किया गया और इसके मीडिया अधिकार 1.73 बिलियन में बेंचे गए। 2008 में आठ फ्रेंचाइजी ने अपनी टीमों के लिए 67 से 111.9 मिलियन डॉलर चुकाए। मोदी को आईपीएल कमिश्नर नियुक्त किया गया, लेकिन अगले ही साल उन पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा। वो संजय दीक्षित से आरसीए का चुनाव हार गए।
2010 में कोची टीम की जानकारी ट्विटर पर साझा करने पर भारी विवाद हुआ। मोदी ने शशि थरूर को निशाना बनाकर ट्वीट किया, जिसके बाद थरूर को केन्द्रीय मंत्री के पद से भी इस्तीफा देना पड़ा। सीबीडीटी ने कोची टीम की खरीद को लेकर जांच शुरू की। 2010 में बीसीसीआई ने गबन के आरोप में मोदी को निलंबित कर दिया और कारण बताओ नोटिस जारी किया।
बीसीसीआई के खिलाफ हाईकोर्ट में पहुंचे
2010 में ललित मोदी ने स्वतंत्र जांच की मांग की और बीसीसीआई के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए। उन्होंने अपनी जान को खतरे में बताया और भारत छोड़कर लंदन पहुंच गए। 2011 में हाईकोर्ट ने मोदी की अपील खारिज करते हुए बीसीसीआई से जांच जारी रखने को कहा। जुलाई 2011 में ईडी ने आईपीएल में गबन मामले में ललित मोदी और बीसीसीआई दोनों को नोटिस जारी किया। इधर लंदन की कोर्ट ने प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी को 65000 यूरो न चुका पाने के कारण ललित मोदी को दिवालिया घोषित कर दिया।
बीसीसीआई ने मोदी को अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार सहित विभिन्न आरोपों में दोषी पाया और उन पर आजीवन बैन लगाया गया। 2014 में मोदी आरसीए चुनाव में अध्यक्ष चुने गए, लेकिन शिवलाल की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई ने इस चुनाव को ही खारिज कर दिया।