एक एसोसिएट नेशन से टेस्ट प्लेयिंग नेशन बनने की अफगानिस्तान क्रिकेट की कहानी बेहद रोचक है। लेकिन अफगानिस्तान की सफलता की इस कहानी में टीम इंडिया को टी-20 विश्वकप जिताने वाले कोच और मुंबई रणजी टीम के पूर्व कप्तान लाल चंद राजपूत की रही है। राजपूत ने पिछले साल ही अफगानी टीम के हेड कोच का कार्यभार संभाला था। इसके बाद टीम ने कुछ शानदार सफलताएं अर्जित की हैं।
टेस्ट क्रिकेट का दर्जा पाने के महज 2 महीने बाद ही अफगानिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने लाल चंद के साथ आगे नहीं बढ़ने का निर्णय किया है। बोर्ड ने अपने बयान में कहा, हम लालचंद के साथ करार को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। हम उनके काम से खुश थे और उन्होंने अपने कार्यकाल में कड़ी मेहनत की। लेकिन अब एक फुल मेंबर के रूप में हम दूसरे विकल्प की तलाश कर रहे हैं।