क्रिकेट की दुनिया में आईपीएल के पदार्पण से पहले संभवत: किसी खिलाड़ी को टीम के सदस्य और कोच की दोहरी भूमिका दी गई हो। आईपीएल में राजस्थान रायल्स में शेन वार्न ने सफलतापूर्वक इस दोहरी भूमिका का निर्वहन किया था। इसके बाद यह एक चलन ही बन गया। महान भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने भी इसी टीम के लिए इस तरह की सफल दोहरी भूमिका निभाई। रेयान हैरिस और जसि्टन लैंगर भी ऐसा कर चुके हैं।
पेशेवर क्रिकेट को छोड़ दिया जाए तो प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट में ऐसी दोहरी भूमिका शायद ही किसी क्रिकेटर को दी गई है। लेकिन भारत में अब ऐसा हुआ है। रणजी क्रिकेट के अगले सत्र के लिए एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को टीम में बतौर खिलाड़ी और कोच के रूप में चयन किया गया है।
तमिलनाडु की रणजी टीम ने कभी टीम इंडिया के तेज गेंदबाज रहे लक्ष्मीपति बालाजी को अगले सत्र के लिए गेंदबाजी कोच के साथ-साथ टीम में भी शामिल किया है। बालाजी पिछले सत्र के बाद से अपने संन्यास के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे थे, अब उन्हें टीम में रहने के साथ-साथ साथी गेंदबाजों की गेंदबाजी आक्रमण में धार देने का काम भी करना होगा।