टीम इंडिया ने श्रीलंका पर पहले टेस्ट के चौथे दिन मैच पर अपना शिकंजा कस लिया है। मेहमान टीम ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 550 रन का विशाल लक्ष्य रखा है। इस हिमालयीन स्कोर का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने शीर्ष क्रम के चार विकेट गंवा दिए हैं।
इस दौरान टीम इंडिया के एक समझदारीभरे फैसले का श्रीलंका के युवा बल्लेबाज कुसल मेंडिस शिकार बन गए। दरअसल, रविंद्र जडेजा ने कुसल मेंडिस को विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के हाथों कैच आउट कराया। साहा ने जैसे ही कैच लपका तो भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी उत्साहित होकर अपील करने लगे। मगर अंपायर ने बल्लेबाज के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें नॉटआउट करार दिया।
जब मेंडिस आउट हुए तब श्रीलंका का स्कोर 108 रन था। अंपायर द्वारा नॉटआउट करार दिए जाने के बाद टीम इंडिया के कप्तान ने खिलाड़ियों से सलाह के बाद DRS लेने का फैसला किया। थर्ड अंपायर रॉड टकर ने रिव्यु में पाया कि गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और विकेटकीपर के हाथों में गई। उन्होंने मैदानी अंपायर को अपना फैसला सुनाया। फिर अंपायर ब्रूस ओक्सेनफोर्ड ने अपना फैसला बदलते हुए मेंडिस को आउट दिया।
कुसल मेंडिस को श्रीलंका का उभरता हुआ स्टार माना जा रहा है। उन्होंने करियर की शानदार शुरुआत की और 17 टेस्ट में 2 शतक व 4 अर्धशतकों की मदद से 1183 रन बना चुके हैं। (नोट : गॉल टेस्ट के रन नहीं जोड़े गए हैं।)
इससे पहले टीम इंडिया ने एक DRS का फैसला खराब कर लिया था। ये फैसला भी कुसल मेंडिस के खिलाफ ही लिया गया था। अश्विन की लेग स्टंप से बाहर जाती गेंद पर मेंडिस ने बल्ला अड़ाने की कोशिश की थी। तब टीम इंडिया ने DRS लिया था, जो सफल नहीं हुआ। अच्छा ही रहा कि टीम इंडिया का दूसरा रिव्यु सफल रहा और अब वो मैच में ड्राइविंग सीट पर है।