उन्होंने कहा, 'पुजारा और रहाणे भी अच्छे बल्लेबाज हैं। पुजारा का टेस्ट क्रिकेट में आसत 50 का है, रहाणे का भी विदेशों में 50 का औसत है। टीम में लोकेश राहुल भी हैं, जो फार्म में होते हैं तो शानदार खेलते हैं। मुरली विजय, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक को भी कमतर नहीं आंका जा सकता।'
टेस्ट श्रृंखला से पहले भारतीय टीम ने सिर्फ एक अभ्यास मैच खेला था जिसे तीन दिनों का किये जाने पर विवाद भी हुआ। संगकारा का मानना है कि भारत को कम अभ्यास का खामियाजा भुगतना पड़ा है। उन्होंने कहा, 'टीम ने यहां संघर्ष किया है जिसकी एक वजह तैयारियों में कमी हो सकती है। इसलिए उन्हें वास्तव में कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है क्योंकि आप टेस्ट मैचों में खेलते समय तैयारी नहीं कर सकते हैं। आपको अभ्यास मैचों और प्रशिक्षण के दौरान इंग्लैंड के गेंदबाजों का तोड़ ढूंढ कर अपना आत्मविश्वास बढ़ाना होगा।'
संगकारा ने कहा, 'इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उपमहाद्वीप की टीमों की कमजोरी का फायदा उठाया है, जिसने भारतीय खिलाड़ियों के लिए जवाब से अधिक सवाल खड़े किये।' लॉर्ड्स में बारिश से प्रभावित मैच में भारतीय टीम तकनीकी तौर पर दो दिन के अंदर पारी और 159 रन से हार गयी। पूर्व श्रीलंकाई कप्तान ने इसके लिए हालात और टीम चयन को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने कहा, 'भारत के लिए टास के समय से ही स्थिति मुश्किल हो गयी थी। दूसरे दिन परिस्थितियां गेंदबाजी के लिए शानदार थी। जेम्स एंडरसन और क्रिस वोक्स ने इसका फायादा उठाया और टीम 107 रन पर सिमट गयी। अगले दिन हालात बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो गए। मोहम्मद शमी शानदार गेंदबाजी कर रहे थे फिर भी वापसी करना मुश्किल था।'
संगकारा ने कहा, 'लॉर्डस के मैच के लिए भारत को बर्मिंघम की टीम के साथ ही उतरना चाहिए था, या उसी गेंदबाजी आक्रमण के साथ (धवन की जगह पुजारा को शामिल करने के अलावा)। हार्दिक की जगह टीम एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज को उतार सकती थी।