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अंपायर धर्मसेना ने वर्ल्ड कप फाइनल में गलती की बात मानी, लेकिन कहा- नहीं है पछतावा

Sun, 21 Jul 2019 07:25 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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icc umpires - फोटो : अमर उजाला
वर्ल्ड कप के 12वें सीजन का फाइनल की चर्चा अब भी जारी है। फाइनल के आखिरी ओवर में इंग्लैंड को ओवरथ्रो के चार रन सहित कुल छह रन देने के मामले पर अब खुद अंपायर ने अपनी बात रखी है।
 
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बेन स्टोक्स विश्व कप 2019 - फोटो : सोशल मीडिया
लॉर्ड्स के मैदान में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मार्टिन गुप्टिल की थ्रो पर कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को छह रन दे दिए थे जिसके बाद मैच इंग्लैंड के पक्ष में चला गया था।
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कुमार धर्मसेना - फोटो : social media
अब एक रिपोर्ट के मुताबिक खुद अंपायर धर्मसेना ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा है कि 'उनसे गलती हुई थी और वहां पर उन्हें एक रन कम देने चाहिए थे'। धर्मसेना ने कहा कि उन्हें फैसले का पछतावा नहीं हैं क्योंकि उनके पास टेलीविज़न रिप्ले का विकल्प नहीं था जिसमें वे यह देख पाते कि दोनों बल्लेबाजों ने एक-दूसरे को क्रॉस किया था या नहीं। 

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कुमार धर्मसेना - फोटो : social media
श्रीलंकाई अंपायर ने कहा कि उन्होंने छह रन देने का फैसला लेग अंपायर मराइस इरासमस से पूछकर दिया था जिसपर मैच अधिकारियों और ने भी साथ दिया था। बता दें कि इस फैसले को लेकर ICC के पांच बार के बेस्ट अंपायर रहे साइमन टफेल ने पहले सवाल उठाए थे और MCC के नियम के तहत इसे गलत बताया था।
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बेन स्टोक्स विश्व कप 2019ौ - फोटो : सोशल मीडिया
क्या था मामला:
दरअसल मामला इंग्लैंड की पारी के 50वें ओवर का है। मेजबान टीम को 3 गेंदों में 9 रन की दरकार थी, तभी चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स ने मिड विकेट की ओर शॉट खेला और तेजी से एक रन लेने के बाद दूसरा रन लेने के लिए भागे। इस दौरान दूसरा रन पूरा करने के वक्त उन्होंने स्ट्राइक एंड की तरफ डाइव लगा दी, तभी गुप्टिल का थ्रो आकर उनके बैट पर लगा और गेंद बाउंड्री पार चली गई। इसके बाद अंपायर ने आपस में बातचीत करने के बाद इंग्लैंड को 6 रन दे दिए। इस तरह जहां सिर्फ 2 रन होने चाहिए थे, वहां इंग्लैंड को 4 रन और अतिरिक्त मिल गए यानी कुल मिलाकर इंग्लैंड के खाते में 6 रन जुड़ गए। अब इंग्लैंड को आखिरी 2 गेंदों में जीत के लिए सिर्फ 3 रन की दरकार थी, जो कि मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।
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बेन स्टोक्स - फोटो : सोशल मीडिया
क्या कहता है ICC का नियम:
बाद में ICC के बेस्ट अंपायर रहे साइमन टफेल ने गलत अंपायरिंग की तरफ सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के 19.8 नियम के तहत अगर गेंद ओवरथ्रो पर बाउंड्री के पार चली जाए (चाहे वह गैरइरादतन बल्ले से ही क्यों न लगी हो), तो ओवरथ्रो से पहले लिए गए रनों में बाउंड्री के चार रन जुड़ जाएंगे। अगर ओवर थ्रो या फिर फील्डर के जानबूझ कर किए गए एक्ट से गेंद बाउंड्री पार कर जाती है तो इसका फायदा दूसरी टीम को मिलता है। रन लेते समय रन का फायदा तभी मिलता है, जब बल्लेबाज ने थ्रो से पहले रन पूरा कर लिया हो या फिर थ्रो से पहले ही दोनों बल्लेबाज एक दुसरे को क्रॉस कर जाते हैं।

लेकिन जब मार्टिन गप्टिल ने थ्रो फेंकी, तब बेन स्टोक्स और आदिल रशीद ने दूसरे रन के लिए एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था। इस तरह इंग्लैंड को जहां दो रन मिले, वहां सिर्फ एक रन ही होना चाहिए था। अगर ऐसा होता तो स्ट्राइक पर स्टोक्स की जगह आदिल रशीद होते और इंग्लैंड को आखिरी 2 गेंदों में 4 रनों की जरुरत होती। 
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आईसीसी
ICC की प्रतिक्रिया
इस मामले पर ICC ने कहा था कि अंपायरों ने स्थिति के हिसाब से फैसला लिया था जिसपर वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं।

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केन विलियमसन - फोटो : सोशल मीडिया
कप्तान विलियमसन ने बताया था दुर्भाग्यपूर्ण:
मैच के बाद हुई अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने आखिरी ओवर में बेन स्टोक्स के बैट से लगकर ओवर-थ्रो पर गए चार रन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए क्रिकेट में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने की बात कही। उधर स्टोक्स ने भी इस घटना को लेकर कहा कि उन्हें जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा।
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केन विलियमसन - फोटो : social media
MCC कर सकती है नियम में बदलाव:
रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) अपने अगले मीटिंग में ओवरथ्रो के नियम पर चर्चा करते हुए कोई बड़ा फैसला कर सकती है।
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