क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले
सचिन तेंदुलरकर ने
टीम इंडिया के दोनों युवा गेंदबाज
कुलदीप यादव और
युजवेंद्र चहल की जमकर तारीफ की है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह दोनों मिलकर शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं।
बता दें कि इन दोनों ने मिलकर
दक्षिण अफ्रीका में खेली गई 6 वन-डे मैचों की सीरीज में रिकॉर्ड 33 विकेट लिए। द. अफ्रीका में अभी तक खेली गई द्विपक्षीय सीरीज में किसी भी स्पिरन ने इतने विकेट हासिल नहीं किए थे। इनमें कुलदीप ने सबसे अधिक और चहल ने विकेट अपने नाम किए।
तेंदुलकर ने कहा कि मुझे भरोसा है कि कुलदीप और चहल विदेशों में भी भारत के शानदार प्रदर्शन करेंगे क्योंकि सभी देशों के बल्लेबाजों को इन दोनों गेंदबाजों से निपटने के लिए तोड़ निकालना पड़ेगा। इस वक्त पूरी दुनिया इन दोनों की गेंद कैसे खेले के तोड़ पर लगा होगा।
उन्होंने कहा कि इन दोनों की सबसे खास बात यह है कि यह दोनों बीच के ओवरों में गेंदबाजी करते हैं और ये न सिर्फ रन रोकने में कामयाब रहते हैं बल्कि टीम के लिए विकेट भी निकालते हैं। इन दोनों के टीम में होने से भारत मजबूत हुआ है क्योंकि कुछ महीने पहले तक टीम के पास रिस्ट स्पिनर नहीं थे।
तेंदुलकर का मानना है कि जब तक दुनिया इन गेंदों का काट न खोज ले तब तक ज्यादा से ज्यादा मैच जीतने की कोशिश करते रहना चाहिए।
तेंदुलकर ने बताया- क्यों रिस्ट स्पिनर होते हैं घातक
सचिन तेंदुलकर
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तेंदुलकर ने कहा कि रिस्ट स्पिनर मैच में अहम भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि वे पिच पर निर्भर नहीं होते। यह कला तो ऐसी है जो आप हवा में करते हो या फिर आपके पास लेग स्पिन और गुगली गेंद फेंकने की वैराइटी होती है। इसलिए यह दोनों विरोधियों के लिए इतने घातक साबित होते हैं।
टी20 में इन्हें खेलना है आसान
चहल और कुलदीप
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तेंदुलकर ने कहा कि जब बल्लेबाज टी-20 जैसे छोटे फॉर्मेट में रिस्ट स्पिनरों के खिलाफ खेलते हैं, तो वह अजीब शॉट जैसे प्वाइंट पर रिवर्स स्वीप या थर्ड मैन पर शॉट और विकेटकीपर के सिर के ऊपर से स्कूप शॉट खेल सकते हैं। यह फॉर्मेट छोटा होता है इसलिए इन्हें यहां खेलना आसान है। लेकिन अगर मैच 50 ओवर का है तो वहां बल्लेबाज इस तरह के शॉट मारने के बारे में नहीं सोचता है। उन्हें सोचना होता है कि इनसे कैसे निपटे।