बंगलूरू का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम
- फोटो : ANI
आईपीएल 2026 के प्लेऑफ मुकाबलों के स्थान तय हो चुके हैं। फाइनल मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इससे पहले यह मुकाबला बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना था। अब कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने बीसीसीआई के इस फैसले पर निराशा जताई है।
आरसीबी
- फोटो : IANS
परंपरा के अनुसार बंगलूरू में होना था मुकाबला
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मौजूदा चैंपियन होने के कारण परंपरा के अनुसार फाइनल मैच बंगलूरू में होना था, लेकिन बीसीसीआई ने सटीक कारण बताए बिना इस महत्वपूर्ण मैच को अहमदाबाद में स्थानांतरित कर दिया। बीसीसीआई ने हालांकि कहा कि स्थानीय संघ और अधिकारियों की कुछ मांगों के कारण स्थान बदला गया क्योंकि इस तरह की मांग बीसीसीआई के स्थापित दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं।
केएससीए ने व्यक्त की निराशा
केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने आईपीएल 2026 की शुरुआत में घोषणा की थी कि बीसीसीआई ने बंगलूरू को सात मैच की मेजबानी सौंपने का फैसला किया है। इनमें आरसीबी के पांच घरेलू मैच, एक प्लेऑफ और फाइनल शामिल था। केएससीए के आधिकारिक प्रवक्ता विनय मृत्युंजय ने कहा, 'केएससीए इस पर निराशा व्यक्त करता है कि आईपीएल के प्लेऑफ मैचों की मेजबानी अन्य केंद्रों को सौंपी गई है। केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद इस संबंध में बीसीसीआई के संपर्क में थे और उन्होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल प्लेऑफ की मेजबानी के लिए केएससीए की तैयारी और गहरी रुचि से औपचारिक रूप से अवगत भी कराया था।'
देवजीत सैकिया
- फोटो : ANI
बीसीसीआई ने नहीं दी मुकाबलों के स्थानांतरित करने के कारणों की जानकारी
मृत्युंजय ने कहा कि बीसीसीआई ने अभी तक प्लेऑफ मैचों को अन्य केंद्रों में स्थानांतरित करने के विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा, 'प्लेऑफ की मेजबानी करने के लिए हमारी तैयारी और इच्छा के बावजूद बीसीसीआई ने इन मैचों की मेजबानी अन्य स्थानों को सौंपने का फैसला किया है। केएससीए को हालांकि इसके विशिष्ट कारणों की औपचारिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन हम इस संबंध में बीसीसीआई के विशेषाधिकार का पूरी तरह से सम्मान करते हैं।'
चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़
- फोटो : पीटीआई
पिछले साल भगदड़ में हुई थी 11 प्रशंसकों की मौत
पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी के जीत के जश्न के दौरान भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी। इसके बाद इस स्टेडियम में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला गया। आईपीएल प्लेऑफ मैचों का मेजबानी नहीं मिलने के बावजूद मृत्युंजय ने दोहराया कि केएससीए अब सभी स्तरों पर मैचों की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, 'केएससीए यह दोहराना चाहता है कि वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है तथा भारत में क्रिकेट प्रतियोगिताओं के सफल संचालन के लिए बीसीसीआई, फ्रेंचाइजी, सरकारी अधिकारियों और सभी हितधारकों को अपना पूरा समर्थन और सहयोग देना जारी रखेगा।'
चिन्नास्वामी स्टेडियम में इस साल के आखिर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी होगी। यह स्टेडियम 17 अक्तूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा। इसके अलावा भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा वनडे मैच भी 16 दिसंबर को यहीं खेला जाएगा।
आरसीबी
- फोटो : IANS
टिकट को लेकर क्या है विवाद? इनसाइड स्टोरी
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया जा रहा है कि टिकट विवाद के कारण फाइनल की मेजबानी बंगलूरू से छीनी गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने मंगलवार को बताया कि बंगलूरू में राजनीतिक मुद्दों, खासकर विधायकों (MLA) के टिकट विवाद, ने बीसीसीआई के लिए आईपीएल 2026 फाइनल को चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित करने में मुश्किलें पैदा कर दीं। एक सूत्र ने कहा, 'आमतौर पर पिछला विजेता फाइनल की मेजबानी करता है, लेकिन एमएलए टिकट मुद्दा बंगलूरू में परेशानी पैदा कर रहा है।' दरअसल, आईपीएल 2026 के उद्घाटन मुकाबले से पहले, कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने सुझाव दिया था कि हर विधायक को कम से कम पांच आईपीएल टिकट दिए जाएं। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि 'वीआईपी' होते हैं और उन्हें लाइन में खड़ा नहीं होना चाहिए।
इसके बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि मौजूदा आईपीएल सीजन में आरसीबी के मैचों के लिए विधायकों और सांसदों को तीन-तीन टिकट दिए जाएंगे। डी.के. शिवकुमार के बयान के बाद, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने विधायकों द्वारा आईपीएल टिकटों के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं और वही लोग मैच देखने जाते हैं जिन्होंने टिकट खरीदे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सिर्फ विधायक खुद या उनके परिवार के सदस्य ही आईपीएल मैच देखने जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टिकटों पर साफ तौर पर 'नॉन-ट्रांसफरेबल' लिखा होता है, इसलिए कोई दूसरा व्यक्ति उनका इस्तेमाल नहीं कर सकता।