भारत और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पहले टेस्ट के लिए रविवार को 16 सदस्यीय भारतीय टीम घोषित की। इस मैच के लिए केएल राहुल और सरफराज खान दोनों को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन प्लेइंग-11 में इन दोनों में से किस खिलाड़ी को मौका देता है।
राहुल को मिलेगा अनुभव का फायदा?
सरफराज की तुलना में केएल राहुल काफी अनुभवी हैं और कठिन समय में कई बार अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। दूसरी तरफ, इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले सरफराज खान के साहसिक रवैये ने सभी को प्रभावित किया है। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने इन दोनों बल्लेबाजों में से किसी एक का चयन करना आसान नहीं होगा। यह तय है कि राहुल पूर्णकालिक बल्लेबाज के तौर पर खेलने उतरेंगे क्योंकि विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल को शामिल किया गया है। हालांकि, अनुभव के आधार पर राहुल का दावा सरफराज के सामने ज्यादा मजबूत दिखता है और माना जा रहा है कि राहुल ही प्रबंधन की पहली पसंद हो सकते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर रहेगा ध्यान
टीम प्रबंधन और चयन समिति का पूरा ध्यान नवंबर-दिसंबर में होने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है और राहुल को 50 टेस्ट मैचों के खेलने का अनुभव है जिससे उन्हें फायदा होगा। टीम प्रबंधन के लिए यह एक युवा खिलाड़ी सरफराज की निडरता तथा टेस्ट कप्तान रहे एक अनुभवी खिलाड़ी के बीच चयन है जो एक दशक से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा है।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, बाहर के लोगों को यह समझ में नहीं आता कि टीम कैसे काम करती है और किस तरह की व्यवस्था होती है। केएल ने अपने पिछले तीन टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका में शतक लगाया जो हाल के समय में सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारियों में से एक है और चोट लगने से पहले हैदराबाद में अपने पिछले टेस्ट में 86 रन बनाए। उन्हें टीम से बाहर नहीं किया गया बल्कि वह चोटिल हो गए। इसलिए वह फिट और उपलब्ध हैं, उन्होंने दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया, उन्हें मैच खेलने का मौका मिला और वह खेलेंगे। सरफराज ने सब कुछ सही किया है। अगर कोई भी खिलाड़ी चोटिल होता है तो उन्हें खिलाया जाएगा। लेकिन राहुल के अनुभव की कोई सानी नहीं है। टीम प्रबंधन सिर्फ बांग्लादेश को ही नहीं देख रहा है बल्कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला पर भी ध्यान लगाये है, जहां पिछला अनुभव मायने रखता है।
सरफराज बनाम राहुल
घरेलू क्रिकेट के स्टार सरफराज ने इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में अपने पहले मैच में दो अर्धशतक और धर्मशाला में उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक और अर्धशतक लगाकर शुरुआत की, जिसमें उन्होंने तेज और धीमे दोनों गेंदबाजों के खिलाफ सटीक फुटवर्क और सुधार दिखाया। राहुल चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के पिछले दो टेस्ट दौरों में नहीं खेल पाए थे लेकिन 2014 में उन्होंने सिडनी में शतक लगाया था। हालांकि 50 टेस्ट के बाद राहुल का औसत 35 से कम है जो इतना अच्छा नहीं है, लेकिन सिडनी, लॉर्ड्स, ओवल, सेंचुरियन जैसे बड़े विदेशी मैदानों पर रन बनाना कर्नाटक के इस खिलाड़ी को आगे रखता है।
अक्षर-कुलदीप के बीच भी रहेगा मुकाबला
तीसरे स्पिनर के स्थान के लिए भी प्रतिस्पर्धा हो सकती है जिसमें कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के बीच मुकाबला है। हाल में दलीप ट्रॉफी के पहले दौर के मैच में अक्षर और कुलदीप ने अपनी टीमों के लिए विपरीत प्रदर्शन किया। अक्षर ने अनंतपुर में 86 रन बनाने के अलावा तीन विकेट लिए तो वहीं कुलदीप थोड़े खराब फॉर्म में दिखे और प्रतिभाशाली मुशीर खान और पुछल्ले बल्लेबाज नवदीप सैनी को परेशान नहीं कर पाए। लेकिन कुलदीप को 2022 की विदेशी सीरीज में बांग्लादेश के खिलाफ सफलता मिली है और विविधता के बूते वह बेहतरीन बल्लेबाजी ट्रैक पर अक्षर से बेहतर दांव हैं।