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करियर में जड़ा पहला तिहरा शतक, फिर भी राष्ट्रीय टीम में नो एंट्री

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इंग्लैंड के एक पूर्व कप्तान ने करियर में पहली बार तिहरा शतक जड़ने का कारनामा किया है लेकिन इस पारी के बावजूद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं होती दिख रही है।
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हम यहां बात कर रहे हैं पूर्व कप्तान केविन पीटरसन की जिन्होंने काउंटी क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए तिहरा शतक जड़ दिया और 355 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे।

इससे पहले पीटरसन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 254 रनों अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी। उन्होंने द ओवल में काउंटी चैंपियनशिप डीविजन-टू में लिचेस्टरशायर के खिलाफ सरे के लिए तिहरा शतक जड़ दिया।
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34 साल के इस धाकड़ बल्लेबाज ने तिहरा शतक लगाने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट के नए बॉस बने एंड्रयू स्ट्रॉस को मैसेज भी भेजा। उन्हें उम्मीद है कि उनकी इस पारी की बदौलत उन्हें संघर्ष कर रही इंग्लैंड टीम के लिए फिर से वापसी का बुलावा आ सकता है, लेकिन इस बात की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।

KP को छोड़ अन्य बल्लेबाज 30 से ज्यादा नहीं बना सके

सरे की ओर से खेलते हुए केविन पीटरसन ने लाजवाब बल्लेबाजी का नजारा पेश किया। उन्होंने मैदान के हर ओर शॉट लगाए। उन्होंने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक अविजित 326 रन बनाने के लिए सिर्फ 373 गेंदें ‌खेली।

तीसरे दिन की पारी की शुरुआत में जब वह उतरे तो उनके साथ अंतिम जोड़ी मैदान पर आई लेकिन कल के नाबाद बल्लेबाज मैट डन (5) अपने खाते में एक भी रन नहीं जोड़ सके। हालांकि उनके आउट होने से पहले पीटरसन ने 355 रन बनाकर नाबाद रहे। 396 गेंदों की पारी में उनके बल्ले से 36 चौके और 15 छक्के भी निकले।

दिलचस्प बात यह रही कि पीटरसन के तिहरे शतक के अलावा उनकी टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज 30 से ज्यादा का स्कोर नहीं कर सका। और यह 30 रन बनाए 10वें नंबर के बल्लेबाज क्रिस ट्रेमलेट ने।

लिचेस्टरशायर ने पहली पारी में 292 रन बनाए थे जिसके जवाब में सरे 557 रन बनाकर आउट हो गई। इस तरह से सरे को 265 रनों ‌की बढ़त हासिल हुई।

इस लाजवाब पारी के बावजूद पीटरसन की इंग्लैंड टीम में वापसी संभव नहीं दिख रही क्योंकि इंग्लैंड क्रिकेट के नए बॉस एंड्रयू स्ट्रॉस ने कहा है कि पीटरसन की वापसी की कोई संभावना है। उन पर विश्वास की कमी है। उन्होंने आगे कहा कि उन पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन वह इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सकते।
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टीम के साथियों के साथ नहीं रहे हैं अच्छे संबंध

पूर्व कप्‍तान केविन पीटरसन ने टीम में वापसी के लिए इंग्लैंड के नए बॉस एंड्रयू स्ट्रॉस और मुख्य कार्यकारी टॉम हैरिसन मुलाकात की थी, लेकिन बोर्ड ने उनकी वापसी की संभावनाओं पर पानी फेर दिया है।

हालांकि उनके टीम में नहीं लिए जाने की खबर पहले से ही आ रह‌ी थी। और इसके पीछे का कारण उनका फॉर्म अहम नहीं ‌था बल्कि उनके साथ के अनुभव को देखते हुए फिर से टीम में नहीं लिए जाना मुख्य था।

पीटरसन के भविष्य पर मंगलवार को फैसला होना था जब स्ट्रॉस अपनी नई भूमिका संभालने के बाद पहली बार प्रेस कॉफ्रेंस करने आए। उन्होंने एलिस्टर कुक को एशेज सीरीज के लिए टीम का कप्तान बनाए रखा। साथ ही युवा बल्लेबाज जोए रुट को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया है।

दक्षिण अफ्रीका मूल के बल्लेबाज पीटरसन ने जनवरी, 2014 में इंग्लैंड के लिए आखिरी बार एशेज सीरीज में खेला था जिसमें टीम 5-0 से हार गई। उन्होंने इंग्लैंड के लिए तीनों प्रारूपों में खेलने वाले चुनिंदा क्रिकेटर है। उन्होंने 104 टेस्ट, 136 वनडे और 37 टी-20 मुकाबले खेले हैं।

पीटरसन का इंग्लिश टीम के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। जुलाई, 2004 में स्ट्रॉस ने पीटरसन की गलत टिप्पणी करने के लिए माफी मांगी थी। बाद में पीटरसन ने भी अपनी आत्मकथा में इंग्लैंड के ‌कई खिलाड़ियों की आलोचना की थी।

वर्ल्ड कप 2015 में इंग्लैंड जब 6 में से अपने 4 मुकाबले हार गया था तो इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रमुख कोलिन ग्रेव्स ने कहा था कि अगर पीटरसन काउंटी में अच्छा करते हैं तो उनकी वापसी संभव हो सकती है। यही कारण है कि उन्होंने आईपीएल में खेलना छोड़कर वह सरे के साथ फिर से जुड़ गए।
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