भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने खुलासा करते हुए बताया है कि एक मशहूर भारतीय क्रिकेटर ने उन्हें संन्यास लेने की सलाह दी थी और फ्रेंचाइजी लीग के जरिये वित्तीय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने कहा था। हतोत्साहित करने वाली सलाह के बावजूद नायर डटे रहे और घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे।
प्लेइंग-11 में जगह बनाने के दावेदार
नायर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से पहले इंग्लैंड लायंस के खिलाफ खेले गए दो अनौपचारिक टेस्ट मैच का हिस्सा थे। उन्होंने भारत ए के लिए खेलते हुए दोहरा शतक लगाया था और प्लेइंग-11 में जगह बनाने की अपनी दावेदारी पुख्ता की थी। नायर ने डेली मेल को दिए साक्षात्कार में कहा, मुझे अभी भी याद है कि एक प्रमुख भारतीय क्रिकेटर ने मुझे फोन किया था और कहा था कि आपको संन्यास ले लेना चाहिए क्योंकि इन लीगों में मिलने वाला पैसा मुझे आर्थिक रूप से सुरक्षित करेगा।
उन्होंने कहा, ऐसा करना आसान होता, लेकिन मैं जानता था कि पैसे के बावजूद, मैं इतनी आसानी से हार मानने के लिए खुद को कोसता रहूंगा। मैं कभी भारत के लिए नहीं खेलने की उम्मीद नहीं छोड़ूंगा। यह सिर्फ दो साल पहले की बात है और देखिए अब मैं कहां हूं। यह पागलपन है, लेकिन अंदर से मुझे पता था कि मुझमें क्षमता है।
घरेलू क्रिकेट में किया दमदार प्रदर्शन
नायर के लिए भारतीय टीम में वापसी कर पाना आसान नहीं था। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में सभी प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन किया। नायर के पास इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है। उन्होंने 2023 और 2024 काउंटी चैंपियनशिप में नॉर्थम्टनशायर का प्रतिनिधित्व किया है और 10 मैचों में 52.57 के औसत से 736 रन बनाए हैं जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल है।
घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के लिए खेलते हुए नायर ने 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन में 16 पारियों में 53.93 के औसत से 863 रन बनाए जिसमें चार शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने आठ पारियों में 389.50 के औसत और 124.04 के स्ट्राइक रेट से 779 रन बनाए जिसमें पांच शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में नायर ने छह पारियों में 42.50 के औसत और 177.08 के स्ट्राइक रेट से 255 रन बनाए। इस तरह नायर आठ साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने में सफल रहे थे।