कर्नाटक की मजबूत दावेदारी
कर्नाटक को सिर्फ उसके गौरवशाली अतीत के कारण ही नहीं, बल्कि इस सत्र में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के चलते भी खिताब का दावेदार माना जा रहा है। टीम ने चोटों और कप्तानी में बदलाव जैसी चुनौतियों के बावजूद हर परिस्थिति में दमदार खेल दिखाया है।
राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में लड़खड़ाने के बाद कर्नाटक ने घरेलू और बाहर दोनों मैदानों पर शानदार प्रदर्शन किया। टीम की सफलता में केएल राहुल (457 रन, 3 मैच), करूण नायर (699 रन, 8 मैच), देवदत्त पडिक्कल (532 रन, 5 मैच) और रविचंद्रन स्मरण (950 रन, 8 मैच) की अहम भूमिका रही है।
कप्तानी में बदलाव के बाद देवदत्त पडिक्कल ने मयंक अग्रवाल की जगह टीम की कमान संभाली और बल्लेबाजी के साथ नेतृत्व में भी खुद को साबित किया। गेंदबाजी में भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा आक्रमण की अगुवाई करेंगे। उनके साथ विद्वत कावेरप्पा, विद्याधर पाटिल, विशाख विजयकुमार, शिखर शेट्टी और मोहसिन खान जैसे तेज गेंदबाज हैं। लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने 46 विकेट लेने के साथ 442 रन भी बनाए हैं, जिससे टीम को संतुलन मिला है।
कर्नाटक के पूर्व कप्तान आर विनय कुमार ने श्रेयस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनके ऑलराउंड योगदान से टीम और मजबूत हुई है। साथ ही केएल राहुल, करूण नायर, श्रेयस गोपाल और मयंक अग्रवाल उस टीम का हिस्सा रह चुके हैं जिसने 2013-14 और 2014-15 में लगातार दो बार खिताब जीता था। बड़े मैचों का यह अनुभव टीम के लिए अहम साबित हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक सफर
67 साल पहले रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची है। इस उपलब्धि ने राज्य के क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। तेज गेंदबाज आकिब नबी ने इस सत्र में 55 विकेट लेकर टीम को यहां तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पिच से शुरुआती मदद मिलने की उम्मीद है, जिसका फायदा जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज उठाना चाहेंगे।
टीम ने सेमीफाइनल में बंगाल और मध्यप्रदेश जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपनी क्षमता साबित की है। कप्तान पारस डोगरा और मुख्य कोच अजय शर्मा के अनुभव का भी टीम को लाभ मिल रहा है। 41 वर्षीय डोगरा खिलाड़ियों को बिना दबाव के खुलकर खेलने की सलाह दे रहे हैं।
मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद
जहां कर्नाटक अनुभव, संतुलित बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी के दम पर उतरेगा, वहीं जम्मू-कश्मीर आत्मविश्वास और बेखौफ क्रिकेट के साथ मैदान में कदम रखेगा। फाइनल में अनुभव बनाम जुनून की यह टक्कर बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है।
रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच के लिए दोनों टीमें
कर्नाटक: देवदत्त पडिक्कल (कप्तान), मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, करुण नायर, के.वी. अनीश, आर. स्मरण, श्रेयस गोपाल, कृतिक कृष्णा, विजयकुमार विशाक, विद्याधर पाटिल, विद्वाथ कवरप्पा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहसिन खान, शिखर शेट्टी, के.एल. श्रीजीत।
जम्मू-कश्मीर: पारस डोगरा (कप्तान), अब्दुल समद, शुभम खजूरिया, कमरन इकबाल, आबिद मुश्ताक, विवरंत शर्मा, रोहित शर्मा, उमरान मलिक, युद्धवीर सिंह, औकिब नबी, सुनील कुमार, लोन नासिर, मुज्तबा यूसुफ, मुसैफ एजाज, साहिल लोत्रा, वंशज शर्मा, उमर नजीर मीर, कन्हैया वधावन, यावर हसन।