भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज खत्म हो चुकी है। टीम इंडिया ने अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ करते हुए सीरीज 3-0 से अपने नाम की। इसके साथ ही भारत ने टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा क्लीन स्वीप करने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। हालांकि, यह सीरीज खत्म हो चुकी है, लेकिन इससे शुरू हुआ विवाद जारी है।
तीन मैच की सीरीज का तीसरा टी20 मैच बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दो सुपर ओवर फेंके जाने के बाद मेजबान टीम विजयी रही। किसी अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में यह पहला मौका है जहां दो सुपर ओवर फेंके गए, कुछ नियमों की 'अनदेखी' की गई क्योंकि भारत के कप्तान रोहित शर्मा पहले सुपर ओवर में 'रिटायर्ड आउट/रिटायर्ड हर्ट' होने के बाद दूसरे सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने आए थे। हालांकि मैच के दौरान अफगानिस्तान के किसी भी खिलाड़ी ने कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की थी, लेकिन अब करीम जनत ने कहा है कि रोहित को दोबारा बल्लेबाजी करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।
पहले सुपर ओवर में केवल एक गेंद शेष थी और भारत को जीत के लिए दो रन चाहिए थे, रोहित रिटायर (आउट या हर्ट) होकर बेंच पर लौट आए। लेकिन, सुपर ओवर टाई होने के बाद, भारतीय कप्तान फिर से बल्लेबाजी करने आए, जिससे इस बात पर बहस छिड़ गई कि उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए थी या नहीं। इस बारे में बात करते हुए करीम जनत ने कहा "हमें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। हमारे प्रबंधन ने अंपायरों से बात की। रोहित बल्लेबाजी करने आए थे, लेकिन हमें बाद में पता चला कि उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। भले ही आप रिटायर आउट हो गए हों, आप ऐसा नहीं कर सकते। आप फिर से बल्लेबाजी करने नहीं आ सकते। अब हम इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि जो हो गया वह हो गया। कप्तान और कोच ने बाद में इस बारे में चर्चा की, लेकिन यह सब उनके बीच था।"
जहां तक नियमों का सवाल है, अगर रोहित रिटायर आउट हो गए थे तो उन्हें विपक्षी कप्तान से पूछे बिना वापस आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी, लेकिन अगर वह रिटायर हर्ट हुए थे तो वह फिर से बल्लेबाजी करने आ सकते थे। मैच के बाद अफगानिस्तान के कोच जोनाथन ट्रॉट ने कहा कि उन्हें रोहित की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
ट्रॉट ने मैच के बाद कहा था "मुझे नहीं पता (रोहित रिटायर हर्ट हुए या रिटायर आउट)। क्या कभी दो सुपर ओवर हुए हैं? मैं यही कहना चाह रहा हूं। हम नए नियम बनाते रहते हैं। मैं जो कहना चाह रहा हूं वह यह है कि हम नियमों का परीक्षण करते रहें। हम दिशानिर्देशों का परीक्षण करते रहें।''