पाकिस्तान से लगातार दूसरा वन-डे मैच हारने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ अब कोच के चयन पर भी सवाल उठने लगे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर कपिल देव ने टीम के लिए विदेशी कोच रखने का विरोध किया है। एक कार्यक्रम में कपिल ने कहा कि सौरभ गांगुली ने विदेशी कोच बुलाकर ठीक नहीं किया था।
शुक्रवार रात को 'सीएट रेटिंग क्रिकेट अवॉडर्स' कार्यक्रम में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम के साथ बातचीत में कपिल ने कहा कि कोच शब्द अमेरिकन है और कोच रखना एक फैशन बन गया है। टीम को कोच रखने की कोई जरूरत नहीं है। आप एक ऐसा मैनेजर रख सकते हैं जो खिलाडियों को समझ सके। गांगुली ने विदेशी कोच बुलाकर ठीक नहीं किया था। वसीम अकरम ने भी कपिल की बात का समर्थन करते हुए कहा कि विदेशी कोच रखने की कोई जरूरत नहीं है।
कपिल ने कहा कि आपको यह बात समझ लेनी चाहिए कि कोच चाहे फ्लेचर हो डेव व्हाटमोर, वे उपमहाद्वीप में सारी चीजों को नहीं जानते। इसलिए वे खिलाड़ियों को क्या समझा पाएंगे। संवाद की समस्या सबसे बड़ी है। दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाला युवा क्रिकेटर अपनी बात कैसे कोच को समझा पाएगा। वसीम अकरम ने कपिल का समर्थन करते हुए कहा, 'मैं कपिल से सहमत हूं। बाहर का कोच हमारे खिलाड़ियों को क्या सिखा पाएगा। हमारे खिलाड़ी तो बस सिर हिलाते रहते हैं, चाहे समझ में आया हो या नहीं।
गौरतलब है कि भारत में ग्रेग चैपल के रूप में विदेशी कोच लाने का श्रेय सौरभ गांगुली को जाता था। मौजूदा भारतीय कोच डंकन फ्लेचर का कार्यकाल कुछ समय बाद समाप्त होने जा रहा है और बीसीसीआई उन्हें एक्सटेंशन देने के मूड में नहीं है। अगले भारतीय कोच के रूप में सौरभ गांगुली का नाम जोरदार तरीके से आगे आ रहा है।