देश को हिला देने वाले दिल्ली गैंगरेप मामले में इकलौते चश्मदीद ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता के दोस्त ने कहा कि काश मैं उसे बचा पाता। पीड़िता की भी आखिरी इच्छा थी कि दरिंदों को फांसी की बजाय जिंदा जलाया जाना चाहिए।
युवक ने कहा कि जब दरिंदों ने उसे और युवती को बस से फेंक दिया था तो उसने वहां से गुजर रहे कई लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन लोग उन्हें देखकर भी गुजरते रहे। 25 मिनट की कोशिशों के बाद एक शख्स वहां रुका। जबकि पीसीआर वैन को मौके पर पहुंचने में 45 मिनट लग गए। वहां तीन पीसीआर वैन पहुंचीं और इसके बाद पुलिस वाले इस बहस में उलझे रहे कि घटनास्थल किस थाने के तहत आता है, जबकि मेरी मित्र गंभीर हालत में सड़क पर पड़ी थी।
चैनल के मुताबिक 28 वर्षीय इस युवक का नाम अवैंद्र प्रताप पांडेय है। वह पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। युवक ने इंटरव्यू में बताया कि बलात्कार के बाद आरोपी युवती को बस से कुचलना चाहते थे। बाद में हमने किसी तरह पुलिस को इसकी सूचना दी, पर पुलिस भी करीब आधे घंटे तक आपस में उलझी रही।
उन्होंने कहा कि जब हम लोग सफदरजंग अस्पताल पहुंचे तो किसी ने उन्हें कंबल तक नहीं दिया। पुलिस के रवैए पर सवाल उठाते हुए उसने कहा कि जब युवती इतनी गंभीर रूप से जख्मी थी तो उन्हें पास के किसी निजी अस्पताल में क्यों नहीं भर्ती कराया गया?
युवक ने कहा कि यदि यह मामला मीडिया नहीं उछालता तो यह भी एक आम केस की तरह दब जाता। इस घटना के बाद उसने हर समय पुलिस की मदद की। युवक ने बलात्कार जैसे मामलों में कानून में बदलाव की वकालत की। उसने कहा कि जब हर कोई जानता है कि दरिंदों ने युवती के साथ जघन्य अपराध किया तो फिर अदालती कार्यवाही क्यों?
हालांकि इस साक्षात्कार के बाद दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा है कि टीवी चैनल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत इस आपराधिक मामले में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक और कुछ अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
उधर पीड़िता के भाई का कहना है कि उसे 'जी न्यूज, को दिए गए साक्षात्कार के बारे में पता नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस साक्षात्कार पर कोई आपत्ति नहीं है। हम चाहते हैं कि किसी तरह उन्हें सजा मिल जाए।
उल्लेखनीय है कि युवती और उसका मित्र एक मॉल में फिल्म देखने के बाद मुनिरका बस स्टैंड पहुंचे थे। यहां से वह उस बस में सवार हो गए, जिसमें पहले से मौजूद छह हैवानों ने युवती के साथ गैंगरेप किया और उसे गंभीर चोट पहुंचाईं।
उन्होंने साथी युवक को भी पीटा और बाद में दोनों को चलती बस से सड़क पर फेंक दिया। बाद में युवती की इलाज के दौरान सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी।