क्रिकेट के द्रोणाचार्य देशप्रेम आजाद हमेशा से मुद्दों की बात करते रहे। उन्होंने अमर उजाला में अपने कालम के माध्यम से न सिर्फ क्रिकेट को सुधारने की बात की।
उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट रिश्तों के साथ राजनयिक संबंधों के बारे में बेबाक टिप्पणी की।
मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी जैसे समसामयिक मुद्दों पर आजाद साहब के कालम के माध्यम से रोशनी डाली गई।
तीन सितंबर 1999
खिलाड़ियों को ढोना बंद करे बोर्ड
आइवा कप में भारतीय टीम के पिटने के बाद आजाद साहब ने बोर्ड पर बेबाक टिप्पणी की। जिसमें कई ऐसे खिलाड़ियों का जिक्र किया गया जिनकी परफारमेंस कुछ न होने के बावजूद उनको टीम में रखा गया।
19 अक्तूबर 1999
भारतीय क्रिकेट अब सुरक्षित हाथों में
आइवा कप के बाद भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव को कोच नियुक्त किए जाने के बाद देश प्रेम आजाद साहब का यह सटीक आकलन रहा। इसके माध्यम से आजाद साहब ने कपिल की प्रतिभा और उनकी ट्रेनिंग स्किल की जानकारी दी।
16 जनवरी 2000
बहुत हुआ, पाक के साथ खेलना बंद करें
आस्ट्रेलिया में पाकिस्तान से हार के बाद लिखा यह कालम पाकिस्तानी और भारतीय राजनयिक संबंधों पर आधारित रहा। जिसके माध्यम से आजाद साहब ने पाकिस्तान की दोहरी नीतियों की कड़ी आलोचना की।
15 फरवरी 2000
क्या चैलेंजर ट्राफी सिर्फ दिखावा है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने जब भारत सीनियर ए और भारत सीनियर बी टीम का गठन किया तो आजाद साहब का यह बेबाक कालम बोर्ड के लिए रहा। जिसमें स्पष्ट लिखा गया कि चैलेंजर ट्राफी के माध्यम से क्या साबित करना चाहता है बोर्ड। ऐसी परिस्थिति क्यों आई जिससे कि बोर्ड को दो टीमें गठित करनी पड़ी?
10 अप्रैल 2000
खेल प्रेमियों के लिए इससे बड़ा सदमा क्या होगा
देश प्रेम आजाद ने मैच फिक्सिंग और जुआं, सट्टा को इंगित करता यह कालम तब लिखा जबकि चर्चाएं थीं दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनिए के मैच फिक्सिंग में लिप्त होने की। आजाद साहब ने इस कालम के माध्यम से आईसीसी को इस मामले में सख्त कदम उठाने के लिए लिखा।