भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट के कारण चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए हैं। बुमराह का बाहर होना भारत के लिए झटका है जो 19 फरवरी से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट को जीतने का प्रबल दावेदार है। बुमराह के बाहर होने को लेकर अब पूर्व कप्तान कपिल देव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कपिल का कहना है कि बुमराह जैसे खिलाड़ी का बाहर होना किसी भी टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
भारत ने टीम में किए थे दो बदलाव
वर्ष 2024 में शानदार प्रदर्शन करने के कारण आईसीसी के टेस्ट और वर्ष का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुने गए बुमराह पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण मंगलवार को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए थे। भारतीय टीम ने बुमराह की जगह तेज गेंदबाज हर्षित राणा को 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया था। इतना ही भारत ने प्रारंभिक टीम में दो बदलाव किए थे। बुमराह के अलावा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल भी इस टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेंगे और उनकी जगह स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को शामिल किया गया था।
कपिल ने कहा, बुमराह ने पिछले दो वर्षों में शानदार प्रदर्शन करके अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। मुझे नहीं लगता कि दुनिया के किसी अन्य तेज गेंदबाज ने उनकी तरह प्रभावशाली प्रदर्शन किया हो। बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, अनिल कुंबले, जहीर खान जैसे मैच विजेता खिलाड़ियों का चोटिल हो जाना किसी भी टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मैं यही उम्मीद करता हूं कि बुमराह जल्द से जल्द वापसी करें क्योंकि एक बड़ा खिलाड़ी हमेशा बड़ा खिलाड़ी ही रहता है।
वरुण को टीम में लेने का किया समर्थन
कपिल ने स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, उसके पास योग्यता है और वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। जब भी कोई रहस्यमयी गेंदबाज टीम से जुड़ता है तो टीम पर उसका प्रभाव देखा जा सकता है। उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विरोधी टीम के बल्लेबाज उसकी गेंद को समझने और उन्हें खेलने में कितना समय लगाते हैं। लेकिन पिछले एक या दो वर्षों में उसने जिस तरह का प्रदर्शन किया है वह शानदार है।
रोहित-कोहली के रणजी खेलने पर क्या बोले कपिल?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कड़े निर्देश के कारण विराट कोहली और रोहित शर्मा को रणजी ट्रॉफी खेलनी पड़ी, लेकिन कपिल को यह फैसला पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा, अगर आप कोहली और रोहित शर्मा के 12 साल बाद रणजी ट्रॉफी में खेलने के बारे में पूछ रहे हैं कि क्या यह सही था। यह किसी भी तरह से अच्छा नहीं लगा। मेरे कहने का मतलब है कि अगर रोहित या कोहली रन बना रहे होते और भारत जीत हासिल करता तो क्या वे रणजी ट्रॉफी में खेलते। प्रदर्शन को मत देखिए व्यवस्था को मजबूत बनाईए।