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कपिल के क्रिकेट गुरु नहीं रहे, क्रिकेट प्रेमी मायूस

Sat, 17 Aug 2013 09:33 AM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
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कपिल देव के कोच और दोणाचार्य अवार्र्डी देश प्रेम आजाद का शुक्रवार को हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। मोहाली स्थित मैक्स अस्पताल में दोपहर एक बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली।
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75 वर्षीय आजाद पिछले एक महीने से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से क्रिकेट प्रेमियों में मायूसी छा गई। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा।

डीपी आजाद एकमात्र ऐसे क्रिकेट कोच थे जिन्हें क्रिकेट इतिहास में पहली बार द्रोणाचार्य अवार्ड मिला था।

उन्होंने कपिल देव, योगराज सिंह, चेतन शर्मा, अशोक मल्होत्रा, यशपाल शर्मा को कोचिंग दी थी। सेक्टर 43 में रह रहे उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटे संजीव और मनीष व दो पोते करन और अर्जुन हैं।  

क्रिकेट के लिए ही जिए
बेटे संजीव ने बताया कि वह क्रिकेट के लिए जीते थे। वह पिछले एक महीने से वह बीमार चल रहे थे, 25 जून से लेकर 8 जुलाई तक वह पीजीआई में भर्ती थे। सेहत फिर बिगड़ने पर उन्हें 25 जुलाई से 8 अगस्त तक मोहाली स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती रहे।
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तबीयत पूरी तरह ठीक न होने पर भी 12 अगस्त को उन्होंने पीसीए में हुई बैठक में शिरकत की। इसीसे उनके क्रिकेट के प्रति जुनून का पता चलता है। इसके बाद कल फिर से तबयीत खराब होने की वजह से मैक्स हास्पिटल में भर्ती किया गया जहां हृदय गति रुक जाने से दोपहर एक बजे उनका निधन हो गया।

16 के स्टेडियम से शुरू की कोचिंग
डीपी आजाद ने चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित स्टेडियम से क्रिकेट की कोचिंग शुरू की थी। स्टेडियम के मौजूदा कोच हरीश शर्मा ने कहा कि उनकी कमी हमेशा खलेगी। उन्होंने क्रिकेट को कई बेहतरीन सितारे दिए।

उनकी भरपायी कोई नहीं कर सकता : कपिल
इस खबर से मुझे गहरा धक्का लगा है। मेरे साथ उनका अलग ही रिश्ता था। यह सिर्फ कोच और शिष्य का ही नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्ता था। कैरियर के शुरू से ही उनके साथ कई यादें जुड़ी हैं।

वह एक बढ़िया कोच के साथ ही एक बढ़िया इंसान भी थे। उन्होंने कोच के रूप में अपना एक अलग मुकाम बनाया। क्रिकेट में उनकी भरपाई कोई नहीं कर सकता।
-कपिल देव, पूर्व क्रिकेट कप्तान

रोल मॉडल थे : एमपी पांडव
डीपी आजाद हर कोच के लिए रोल मॉडल थे। उन्होंने पंजाब और हरियाणा से देश को कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए। वह खिलाड़ियों में नई ताकत और जोश भरने का काम करते थे।
-एमपी पांडव, ऑनरी सेक्रटरी, पीसीए

डीपी आजाद सर के चले जाने से क्रिकेट में उनके चाहने वालों में निराशा का महौल है। वह क्रिकेट के लिए हर समय तैयार रहते थे। बीमार होने केबावजूद भी वह कई बार खिलाड़ियों को मिलने और उनका हौसला बढ़ाने पीसीए में पहुंच जाते थे।
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-सुखविंदर, पीसीए कोच
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