ग्रीन पार्क में एक लाख लोगों को राष्ट्र गान गवाकर गिनीज बुक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कानपुर को आस्ट्रेलिया के साथ होने वाले टेस्ट मैच की मेजबानी गंवाकर चुकानी पड़ी है। क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने बीसीसीआई को साफ कर दिया है कि खराब आउटफील्ड के चलते वह इस स्टेडियम में खेलने का इच्छुक नहीं है। हालांकि बीसीसीआई ने क्रिकेट आस्ट्रेलिया को काफी समझाने की कोशिश की बावजूद इसके बात नहीं बनी। आईसीसी नियमों के तहत बीसीसीआई को उनकी इस जिद के आगे झुकना पड़ा। बीसीसीआई ने कानपुर के स्थान पर अब इस टेस्ट मैच की मेजबानी हैदराबाद को सौंप दी है।
बीसीसीआई की टूर एंड फिक्सचर कमेटी ने 15 दिनों के अंदर यूपीसीए को स्टेडियम की दशा सुधारने की मोहलत दी थी। लेकिन क्रिकेट आस्ट्रेलिया इस पर भी यहां खेलने को तैयार नहीं हुई। स्टेडियम का दौरा करने वाली टीम को सिर्फ खराब मैदान और यहां चल रहे निर्माण कार्य से ही दिक्कत नहीं थी बल्कि उन्होंने होटल में अधिक रेस्तरां और बार की भी मांग रखी थी। यही नहीं उन्होंने होटल में वाई फाई भी देने को कहा था।
साथ ही स्टेडियम का छोटा ड्रेसिंग रूम भी उनके लिए समस्या था। दरअसल इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए यूपीसीए की ओर से लंबे समय से स्टेडियम को लीज पर दिए जाने की मांग की जा रही है। बावजूद इसके यूपीसीए की इस मांग को नहीं माना गया। कानपुर से टेस्ट मैच की मेजबानी छिनने के बाद आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने विज्ञान भवन में चल रही राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।
शुक्ला के मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि ग्रीन पार्क को जल्द से जल्द यूपीसीए को लीज पर दिया जाए जिससे आने वाले समय में इस तरह की फजीहत से बचा जा सके। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में जल्द कार्यवाही के संकेत दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को इस संबंध में आदेश भी जारी किए। वहीं शुक्ला का कहना है कि बीसीसीआई की ओर से कानपुर में टेस्ट मैच कराने की हर संभव कोशिश की गई। लेकिन आउटफील्ड और होटल की समस्याओं को लेकर वह खेलने को तैयार नहीं हुए। शुक्ला का कहना है कि कानपुर के लिए यह मेजबानी खोना बड़ा झटका है। इस सेंटर के लिए बमुश्किल टेस्ट की मेजबानी हासिल की गई थी।