रूट ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि अगले पांच टेस्ट के दौरान हम अपनी सबसे मजबूत टीम को खिलाने का प्रयास करें या इन मैचों के लिए हमारी सबसे मजबूत टीम उपलब्ध हो। ऐसा हम आगामी श्रृंखलाओं विशेषकर एशेज की तैयारी के लिए करेंगे। सुनिश्चित करेंगे कि इन बड़े मैचों के दौरान सभी अपनी फॉर्म के शीर्ष पर हों।' उन्होंने कहा, 'डब्ल्यूटीसी फाइनल को देखना और इसका हिस्सा नहीं होना, इसे देखकर आप इस विशेष चीज का हिस्सा बनना चाहते हैं। हमारे पास अब मौका है कि हम थोड़ा और आगे जाएं और पहली बार की तुलना में बेहतर काम करें। मैं उम्मीद करता हूं कि हमें सभी खिलाड़ियों के बीच से टीम चुनने का मौका मिलेगा।'
गौरतलब है कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की रोटेशन नीति उस समय विश्व क्रिकेट में चर्चा का विषय बन गई थी जब इस साल की शुरुआत में वे अपनी सबसे मजबूत टीम के साथ भारत दौरे पर नहीं गए थे और श्रृंखला 1-3 से गंवाने के कारण डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए थे। केविन पीटरसन, इयान बेल और माइकल वॉन सहित इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटरों ने भारत के खिलाफ महत्वपूर्ण श्रृंखला में सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं उतारने के लिए ईसीबी को लताड़ा था।