फालोऑन खेलते हुए 138 रन पर झारखंड की आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। इसके बाद कप्तान सौरभ तिवारी (122*) और इशांक जग्गी (107*) ने छठे विकेट के लिए 152 रन की साझेदारी कर स्कोर 400 के करीब पहुंचाया। जगी रिटायर्ड हर्ट हुए जबकि सौरभ एक छोर पर डटे रहे। झारखंड ने आठ विकेट पर 418 रन बनाकर दूसरी पारी घोषित कर दी।
त्रिपुरा को जीत के लिए 266 रनों का लक्ष्य मिला। इसका पीछा करते हुए टीम एमबी मुरासिंह (103) की शतकीय पारी के बावजूद 211 रन पर लुढ़क गई। झारखंड के लिए पेसर आशीष कुमार पांच और विवेकानंद तिवारी ने तीन विकेट झटके।
जग्गी ने टीम मैनेजर पीएन सिंह के साथ दूसरी पारी के लंच के उम्मीद भरी बात की थी। सिंह ने जग्गी से पूछा, ईडन गार्डन का रिपीट हो जाए? जग्गी इसे लेकर ज्यादा आश्वस्त नहीं थे। उन्होंने कहा, कभी-कभी हो सकता है, बार-बार नहीं। हालांकि जग्गी को शुरुआत में इस पर यकीन नहीं हुआ था लेकिन मैदान पर उनके प्रदर्शन ने इस सच कर दिखाया।