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प्याज एक साल में पांच गुनी महंगी हुई, देश के बड़े शहरों यह है औसत कीमत

Sat, 14 Dec 2019 05:08 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • बड़े शहरों में प्याज की औसत कीमत 101 रुपये किलो 
  • एक महीने में 81 फीसदी महंगी हुई प्याज
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प्याज की बेकाबू कीमतें - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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एक साल में देश के बड़े शहरों में प्याज की कीमतें पांच गुनी बढ़कर औसतन 101.35 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई हैं। इसकी वजह खरीफ और लेट-खरीफ सत्र (गर्मी में होने वाली बुआई) में प्याज के घरेलू उत्पादन में 22 फीसदी कमी आने का अनुमान है। सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी है। पिछले एक महीने में ही कीमतों में 81 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

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राज्य सभा में दिए लिखित जवाब में खाद्य और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री दानवे रावसाहेब दादाराव ने बताया कि मंगलवार (10 दिसंबर) को प्याज का दैनिक औसत मूल्य 101.35 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि एक महीने पहले 55.95 रुपये और एक साल पहले 19.69 रुपये प्रति किलो रहा था।

उन्होंने कहा, ‘2019-20 के लिए कुल खरीफ और लेट खरीफ उत्पादन 54.73 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि 2018-19 में यह 69.91 लाख टन रहा था।’ प्याज एक मौसमी फसल है और इकी खेती रबी (मार्च से जून), खरीफ (अक्तूबर से दिसंबर) और लेट खरीफ (जनवरी से मार्च) के दौरान होती है। इस बीच रबी सत्र में पैदा होने वाली प्याज बाजार में आती है।

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तीन से चार हफ्तों की देरी हुई

कृषि मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, 2017 और 2018 में प्याज का भंडार क्रमश: 48.73 लाख टन और 50.05 लाख टन रहा था। दादाराव ने कहा, ‘मानसून में देरी के कारण 2019-20 में बुआई क्षेत्र में तीन से चार हफ्तों की देरी हुई थी, जिससे खरीफ सत्र में प्याज के बुआई क्षेत्र में कमी आई। इसके अलावा बड़े उत्पादक राज्यों कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में प्याज की खेती के मौसम में लगातार बारिश हुई। इससे इन क्षेत्रों में खड़ी फसल को खासा नुकसान हुआ।’

इन वजहों के चलते खरीफ फसल के उत्पादन और गुणवत्ता पर खासा असर पड़ा। उन्होंने कहा, ‘सितंबर-अक्तूबर के दौरान बारिश से इन क्षेत्रों से खपत वाले क्षेत्रों तक फसल की ढुलाई पर भी असर पड़ा। इससे उपलब्धता सीमित रही और कीमतों पर दबाव बढ़ा।’
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