दो दिन पहले सौराष्ट्र को पहला रणजी ट्रॉफी फाइनल जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने फिर से टीम इंडिया में अपनी दावेदारी को मजबूत कर दिया है। उनादकट ने सत्र में 13.23 की औसत से सर्वाधिक 67 विकेट चटकाए। यह एक सत्र में किसी पेसर का रणजी इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
उन्होंने कर्नाटक के डोडा गणेश (62, 1998-99) का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। जयदेव ने 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में एकमात्र टेस्ट मैच खेला था। इसके अलावा 2013 में उन्होंने पांच महीने के अंदर सात वनडे मैच खेले थे। उन्होंने भारत के लिए पिछला मैच टी-20 के रूप में दो साल पहले निदहास ट्रॉफी के तहत खेला था।
पिछले तीन में से दो आईपीएल संस्करणों में वह भारतीय गेंदबाजों में सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। इस बार उन्होंने घरेलू रणजी सीजन में शानदार प्रदर्शन से फिर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। वह एक सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बन गए हैं। यही नहीं वह सिर्फ एक विकेट से एक सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने के रिकॉर्ड से एक विकेट ही दूर रह गए।
नौ मैचों में उन्होंने सात बार पांच विकेट लिए और तीन बार मैच में दस विकेट लेने की बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल और फाइनल में अपनी गेंदबाजी से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज करसन घावरी मानते हैं कि सौराष्ट्र के इस गेंदबाज को भारतीय टीम के लिए खेलने का एक मौका और मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने में सफल हो रहे हैं। वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपनी फिटनेस पर भी काम किया है और लंबे स्पैल में भी गेंदबाजी करने में सफल हैं। वह नई और पुरानी दोनों गेंदों से गेंदबाजी करने में सक्षम हैं।
जयदेव उनादकट
मैं इस समय शानदार लय में हूं। अब मुझे बल्लेबाजों को आउट करने के ज्यादा विकल्प मिल गए हैं जोकि हर गेंदबाज की सोच में शामिल होता है। आप एक ही तरीके से बल्लेबाजों को बार-बार आउट नहीं कर सकते।