कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार के आईपीएल में कई तरह के सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। यही वजह है कि यूएई में होने वाले इस बार के आईपीएल में कई चीजें पहले की तरह नहीं होंगी। उदाहरण के तौर पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड की प्रदेश ईकाइयों के प्रतिनिधि 19 सितंबर से शुरू हो रही लीग के ‘कम से कम शुरूआती चरण’ में नहीं जा सकेंगे।
बोर्ड सचिव जय शाह ने मंगलवार को सदस्य संघों को इसकी जानकारी दी। शाह ने उम्मीद जताई कि टूर्नामेंट के आखिरी चरण तक पाबंदियों में कुछ रियायत दी जाएगी जिससे सदस्य यूएई जा सकेंगे। बीसीसीआई आम तौर पर अपने प्रदेश संघों के अधिकारियों को आईपीएल समारोहों और प्लेआफ के लिए आमंत्रित करता है।
शाह ने प्रदेश संघों को भेजे पत्र में लिखा, ‘मुझे यकीन है कि यह यादगार टूर्नामेंट होगा लेकिन टूर्नामेंट की शुरूआत में सभी सदस्यों की कमी खलेगी।’ उन्होंने लिखा, ‘जैसा कि आपको पता है बीसीसीआई आईपीएल के उद्घाटन समारोह और लीग मैचों में प्रदेश ईकाइयों के अध्यक्षों, सचिवों और अपने पूर्व पदाधिकारियों को बुलाता है। लेकिन लोगों की गतिविधियों पर लगे कड़े प्रतिबंधों और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के चलते हम हमेशा की तरह सभी को आमंत्रित नहीं कर सकते, कम से कम टूर्नामेंट की शुरूआत में तो नहीं।’
उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए संपर्क से बचना जरूरी है। यह एक और बलिदान हमें देना होगा।’ उन्होंने हालांकि कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि प्लेआफ चरण तक पहुंचते पहुंचते पाबंदियां कुछ कम होंगी और आप यूएई आ सकेंगे।’
गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को देखते हुए टूर्नामेंट यूएई में हो रहा है और सभी को बीसीसीआई के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। फिलहाल सारी टीमें छह दिन के पृथकवास पर हैं। वहीं जैविक सुरक्षित माहौल को लेकर भी कड़ी पाबंदियां लागू होंगी।