जम्मू-कश्मीर के कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज पारस डोगरा ने घरेलू क्रिकेट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। पारस 150 रणजी ट्रॉफी मैच खेलने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस मुकाम के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के साथ इस विशिष्ट सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। डोगरा ने यह उपलब्धि सोमवार को वडोदरा में बड़ौदा के खिलाफ अपनी टीम के रणजी ट्रॉफी मुकाबले के दौरान हासिल की।
घरेलू क्रिकेट में बनाई पहचान
पारस डोगरा 2000 के दशक के मध्य से भारतीय घरेलू क्रिकेट में सबसे निरंतर रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शुमार रहे हैं, जिन्होंने मुख्य रूप से सुर्खियों से दूर रहकर रणजी ट्रॉफी की टीमों के लिए अपनी पहचान बनाई है। उनका सबसे शानदार घरेलू सीजन 2012-13 का रहा, जब उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लिए आठ मैचों में पांच शतक जड़े, जिसमें लगातार पारियों में लगाए गए तीन शतक भी शामिल थे।
घरेलू सर्किट में उनके इस दमदार प्रदर्शन के बल पर उन्हें 2013 में वेस्टइंडीज ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में चुना गया था। हालांकि, वह केवल एक ही मैच खेल सके और उन्हें बल्लेबाजी का एकमात्र मौका मिला, जिसमें वह निकिता मिलर की गेंद पर सात रन बनाकर बोल्ड हो गए। इसके बाद भी डोगरा ने घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म जारी रखा। वर्ष 2015-16 में उन्होंने त्रिपुरा और सर्विसेज के खिलाफ लगातार पारियों में अपने करियर का छठा और सातवां दोहरा शतक जड़ा। उन्होंने उस सीजन में 78.11 के शानदार औसत से 703 रन बनाए, जिससे लाल गेंद क्रिकेट में एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में उनकी प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत हुई।
आईपीएल में भी खेल चुके हैं पारस डोगरा
रणजी ट्रॉफी के अलावा, डोगरा को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी खेलने के अवसर मिले। उन्होंने 2010 के सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए नियमित रूप से भाग लिया, जहां उन्होंने नौ मैच खेलते हुए 41 का अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। इसके बाद के वर्षों में उनके खेलने के अवसर सीमित हो गए और उन्होंने 2012 में किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए तीन तथा 2013 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए एक मैच खेला। बाद में गुजरात लायंस ने उन्हें आईपीएल 2016 की नीलामी में 10 लाख रुपये के उनके बेस प्राइस पर खरीदा था।