जम्मू कश्मीर क्रिकेट टीम विशाखापट्टनम में होने वाले विजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएगी। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक आर्टिकल 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर के कई खिलाड़ियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। खुद जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) अपने खिलाड़ियों के साथ संपर्क में नहीं है, जिसमें कप्तान परवेज रसूल भी शामिल हैं। यही कारण है कि JKCA अपनी टीम को आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में होने वाली विजी ट्रॉफी में नहीं भेजेगी क्योंकि उन्हें राज्यपाल सत्यपाल मलिक से खिलाड़ियों की सुरक्षा का भरोसा नहीं मिला है।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ शाह बुखारी ने कहा कि, 'घाटी में हालात सुधर रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी परेशानी खिलाड़ियों से संपर्क साधने में आ रही है। ऑफिस में सभी खिलाड़ियों के मोबाइल नंबर है, लेकिन किसी ने भी अपना लैंडलाइन नंबर मुहैया नहीं कराया है, जिसके चलते परेशानी आ रही है। जैसे-तैसे कुछ खिलाड़ियों से बातचीत हो पाई है, लेकिन घाटी के क्रिकेटर्स से संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है, क्योंकि उनका मोबाइल फोन काम नहीं कर रहा। खुद कप्तान परवेज रसूल कहां है, हमें नहीं पता।'
याद हो कि विजी ट्रॉफी में कई राज्य एसोसिएशन की टीमें हिस्सा लेती हैं। इस ट्रॉफी का आयोजन नए खिलाड़ियों की खोज और मैच प्रैक्टिस के लिए आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन करती है। आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन ने जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन की एंट्री का 17 अगस्त तक इंतजार किया, लेकिन राज्य की एसोसिएशन अपने खिलाड़ियों से संपर्क ही नहीं कर पाई। जम्मू-कश्मीर की टीम को इस ट्रॉफी से पहले 10 प्रैक्टिस मैच खेलने थे, लेकिन घाटी में हालात बदलने के बाद ऐसा नहीं हो सका। राज्य की टीम सिर्फ 4 प्रैक्टिस मैच ही खेल सकी और उसके बाद फोन और इंटरनेट सेवा ठप होने से खिलाड़ियों के साथ संपर्क भी टूट गया।
जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से धारा 144 लगी हुई है और सुरक्षा के लिहाज से काफी समय तक राज्य की मोबाइल और इंटरनेट सेवा भी बंद रखी गई।